गुरुवार रात को सर्दी का प्रकोप बढ़ गया । स्थानीय कृषि शोध केंद्र के अनुसार न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रहा । जबकि भोपाल मौसम विभाग के अनुसार इसे 3 डिग्री सेल्सियस आंका गया है। बुधवार रात की तुलना में इसके बारे में लगभग 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रात में दर्ज की गई । हालांकि दिन में धूप खिलने से लोगों को राहत रही। अधिकतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस रहा । हवा की औसत गति 7.5 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जिससे ठंड का एहसास ज्यादा हुआ।
शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई । इस गिरावट से रात में शहर ठंड से कांप गया । मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में तापमान में गिरावट के अासार जताए हैं। दिन में सर्द हवा से ठंडक रहेगी। दिन में कंपाने वाली ठंड रहने वाली है।
जम्मू कश्मीर से तीन पश्चिमी विक्षोभ गुजर चुके हैं, जिससे जम्मू कश्मीर में भारी बर्फबारी हो चुकी है। अब मौसम को प्रभावित करने वाला कोई भी सिस्टम सक्रिय नहीं है। इस कारण उत्तर से पश्चिमी हवा की शुरूआत हो गई है। यह हवा अपने साथ बर्फीली ठंडक लेकर अाने लगी है। इसका असर रात की ठंड पर ज्यादा पड़ा है। रात में भारी ठंड का सामना करना पड़ा। सुबह ठंड चुभ रही थी। ठंड से बचाव के लिए सड़कों पर लोग अलाव जलाते दिखे। सुबह 9.30 बजे के बाद धूप तेज हुई, लोग धूप सेंकने के लिए छतों पर निकल अाए।
नहीं जले सरकारी अलाव
दतिया जिला पिछले 2 दिनों से सबसे ठंडा शहर होने में शुमार हो गया है, किंतु यहां पर अभी तक नगर पालिका ने सरकारी अलाव की व्यवस्था नहीं की है। जिससे गरीबों और निचले तक के लोगों को रात में सर्दी से राहत मिलती है। स्थानीय पीतांबरा मंदिर चौराहे पर अनेक गरीब वर्ग के लोग देर रात सर्दी में ठिठुरते नजर आए। शहर में 3 तालाब करन सागर, सीता सागर और लाला का ताल होने के कारण भी स्थानीय रूप से ठंडी हवाओं के कारण यहां पर सर्दी का प्रभाव ज्यादा ही रहता है।
इस तरह बदला मौसम का मिजाज
राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीत लहर का अलर्ट जारी है। इन राज्यों से ग्वालियर का मौसम भी प्रभावित होता है। इन राज्यों में चलने वाली शीत लहर का असर ग्वालियर चंबल संभाग के दतिया और आसपास के शहरों में काफी है। हवा में नमी की मात्रा घट गई है। इससे मौसम शुष्क हो गया है। इस कारण रात में ठंड बढ़ती जा रही है। दिन में ठंड होने से कोल्ड डे का अहसास नजर आया। आगामी एक-दो दिनों में शीत लहर बढ़ने की संभावना जताई गई है।

