राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) की 5वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में कृषि मंत्री ने दी 3 सुविधाओं की सौगात

नई दिल्ली। राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) की 5वीं वर्षगांठ 14 अप्रैल को है। इस उपलक्ष्य की पूर्व संध्या पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में कृषि भवन में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘भारत की आजादी के अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत यह आयोजन हुआ, जिसमें तोमर ने ई-नाम के माध्यम से अपनी उपज के विपणन में किसानों की सुविधा के लिए ई-नाम पर मंडी जानकारी पृष्ठ, ई-नाम प्लेटफॉर्म के साथ आईएमडी मौसम पूर्वानुमान सूचना का एकीकरण और सहकारी मॉड्यूल जैसे नए मॉड्यूल लांच किए।

कार्यक्रम में तोमर ने देश में कृषि क्षेत्र की प्रगति बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने साहसपूर्वक कृषि सुधार किए व कानून लाए गए हैं। देश में बड़ा वर्ग इन कृषि सुधारों का समर्थन और स्वागत कर रहा है। जब तक साहसपूर्वक सुधार नहीं किए जाते, तब तक किसी भी क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन करना बहुत मुश्किल काम है। ई-नाम प्रोजेक्ट हो या कृषि सुधार बिल, ये सब किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने वाले है, किसानों की आमदनी बढ़ाने वाले हैं, किसानों के घर में समृद्धि लाने वाले हैं, किसानों के बच्चों को कृषि की ओर आकर्षित करने वाले हैं। इसलिए भारत सरकार पूरी दृढ़ता के साथ इस पर काम कर रही है।

तोमर ने कहा कि 1000 मंडियों में ई-नाम की सफलता को देखते हुए अब 1000 अतिरिक्त मंडियों को जोड़ने का निर्णय लिया गया है। अब तक 1.70 करोड़ से अधिक किसान और 1.63 लाख व्‍यापारी ई-नाम प्‍लेटफार्म पर पंजीकृत हुए हैं। किसान ई-नाम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए स्‍वतंत्र हैं और वे सभी ई-नाम मंडियों पर व्‍यापारियों के साथ ऑन-लाइन के माध्‍यम से बिक्री के लिए अपनी उपज को अपलोड कर रहे हैं और व्‍यापारी किसी भी स्‍थान से ई-नाम पर बिक्री के लिए उपलब्‍ध लॉट की बोली लगा सकते हैं। ई-नाम प्‍लेटफार्म पर अनुमानित 1.30 लाख करोड़ रूपए मूल्‍य का कुल संयुक्‍त व्‍यापार रिकॉर्ड किया गया है। कृषि राज्य मंत्री परषोत्तम रूपाला व कैलाश चौधरी, सचि‍व संजय अग्रवाल, संयुक्त सचिव पी.के. स्वेन ने भी संबोधित किया।

नई सुविधाएं- मंडी जानकारी पृष्ठ किसानों को एक ही वेब पेज में संबंधित राज्य की ई-नाम मंडियों में कारोबार की जाने वाली जिंसों के वास्तविक समय मूल्य प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अब ई-नाम पर प्रदान किए गए सहकारी व्यापार मॉड्यूल का उद्देश्य सहकारी समितियों को अपने संग्रह केंद्र/ गोदामों से एपीएमसी में उपज लाए बिना सदस्यों के फार्मगेट के पास व्यापार करने की सुविधा प्रदान करना है। भारतीय मौसम विज्ञान (आईएमडी), मौसम पूर्वानुमान सूचना समेत ई-नाम मंडियों और आसपास के क्षेत्रों के लिए वर्षा और आंधी-तूफ़ान की सूचना के साथ अधिकतम-न्यूनतम तापमान की सूचना मिलेगी। मौसम सूचना से कटाई करने और विपणन निर्णय लेने में किसानों को अतिरिक्त मदद मिलेगी।  उपयोगकर्ता अनुकूल ई-नाम निर्देशिका भी लांच की गई है, जो ई-नाम मंडियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करके हितधारकों की मदद करेगी।

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