रिलायंस, रिलायंस बीपी मोबिलिटी को इंधन के खुदरा कारोबार का लाइसेंस मिला

नई दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) और रिलायंस व बीपी के संयुक्त उद्यम सहित सात नई कंपनियों को वाहन ईधन की खुदरा बिक्री का लाइसेंस प्रदान किया गया है। यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने सोमवार को संसद में दी।

आरआइएल के पास पहले से ही एक ईंधन खुदरा बिक्री का लाइसेंस था, जिसके तहत उसने देशभर में 1,400 से अधिक पेट्रोल पंप स्थापित किए थे। हालांकि बाद यह लाइसेंस उसकी सहयोगी रिलायंस बीपी मोबिलिटी (आरबीएमएल) को स्थानांतरित कर दिया गया। इसीलिए मुकेश अंबानी की कंपनी ने आवेदन किया और लाइसेंस प्राप्त किया।

इन सातों कंपनियों को इस शर्त के साथ लाइसेंस दिया गया है कि वे पेट्रोल व डीजल के अलावा कम से कम एक वैकल्पिक ऊर्जा उत्पाद की बिक्री जरूर करेंगी।

इस बीच, वित्त मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा को बताया कि प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान योजना ‘विवाद से विश्वास’ के तहत सरकार को अब तक 53,684 करोड़ रुपये मिले हैं। इस योजना के तहत सरकार ने कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया था।

करदाताओं के साथ लंबित प्रत्यक्ष कर विवादों को सौहार्दपूर्ण तरीके से हल करने के लिए यह योजना लाई गई थी। वहीं, एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों में ही जीएसटी संग्रह के बजट अनुमान का 26.6 फीसद हासिल कर लिया है।

उन्होंने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.67 लाख करोड़ रुपये से अधिक था। यह 6.30 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान का 26.6 प्रतिशत है। वर्ष 2020-21 में शुद्ध जीएसटी संग्रह 5.48 लाख करोड़ रुपये से अधिक था, जो संशोधित अनुमान 5.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक था।

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