मास्को, एपी : रूस में राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के दबाव के चलते एपल और गूगल ने सरकार के विरोध वाले स्मार्ट वोटिंग एप हटा दिए हैं। यह एप रूस के विपक्षी दलों ने बनाया था। दोनों अमेरिकी दिग्गज कंपनियों ने यह कदम रूस में संसदीय चुनाव के लिए तीन दिवसीय मतदान शुरू होने के बाद उठाया है। हटाए गए एप में रूसी सरकार के समर्थन वाले प्रत्याशियों को हराने की अपील मतदाताओं से की गई थी।
माना जाता है कि इस एप के इस्तेमाल और आनलाइन मतदान को बढ़ावा देने की रणनीति जेल में बंद विपक्षी नेता एलेक्सेई नवलनी ने तैयार की थी। सरकार ने इसके असर को देखते हुए एप को हटाने के लिए कंपनियों से कहा जबकि आनलाइन मतदान को सरकार हतोत्साहित कर रही है। यह चुनाव राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 2024 तक पद पर बने रहने की योजना को मजबूती देने के लिए अहम माना जा रहा है।
हाल ही में रूसी अधिकारियों ने एपल और गूगल से कहा था कि अगर उन्होंने यह एप नहीं हटाया तो यह चुनाव में हस्तक्षेप माना जाएगा। इसके तहत उन पर बड़ा जुर्माना लगाया जा सकता है। पिछले सप्ताह रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजदूत जान सुलीवान को तलब कर मामले पर विरोध जताया गया। गुरुवार को एपल और गूगल के प्रतिनिधियों को संसद में बुलाकर उनसे रूस की संप्रभुता का सम्मान करने के लिए कहा गया। इसी के बाद दोनों कंपनियों ने एप को हटाया है।


