नई दिल्ली। मंगलवार का दिन हंगामे की भेट नही चढा और संसद के दोनों सदनों में खूब कामकाज हुआ। दोनो सदनों में प्रश्नकाल के दौरान कई अहम सवालों के जबाब दिये गये वहीं विधायी कामकाज को लेकर भी खूब प्रगति हुई। मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में खूब कामकाज हुआ। जंहा दोनो सदनों में प्रश्नकाल के दौरान कई अहम सवालों के जबाब दिये गये वहीं विधायी कामकाज को लेकर भी खूब प्रगति हुई। लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद वित्त विधेयक 2021 पर चर्चा हुई जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने हिस्सा लिया। चर्चा का जवाब देते हुये वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सासदों द्वारा उठाये गये मुद्दों का सिलसिलेवार तरीके से जवाब दिया।
वित्त मंत्री ने बताया कि पेट्रोलियम पदार्थों पर जो शुल्क लिया जाता है उससे मिलने वाला राजस्व राज्यों के साथ साझा किया जाता है। वित्त मंत्री ने उम्मीद जाहिर कि कि जीएसटी कांउिसंल की बैठक में इस पर विचार किया जायेगा।
वित्त मंत्री के जवाब के बाद वित्त बिधेयक 2021 को लोकसभा से पारित कर दिया गया। बात राज्यसभा की करे तो राज्यसभा में शून्यकाल में कई मुद्दे उठाय़े गये । इसके बाद प्रश्नकाल में अहम सवालों के जवाब दिये गये। उच्च सदन में दोपहर बाद जम्मू कश्मीर और पुडुचेरी का बजट चर्चा के बाद लोकसभा को वापस किया गया।
राज्यसभा में दिल्ली के उपराज्यपाल के अधिकारों से विस्तार से जुड़ा बिल पेश करते समय आम आदमी पार्टी के सांसदो ने जमकर हंगामा किया जिसके चलते सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
गौरतलब है कि संसद के दोनों सदनों में बीते हफ्ते से ही जमकर कामकाज हो रहा है । अब वित्त विधेयक 2021 के लोकसभा से पारित होने के बाद बजट के संसद से पारित होने की प्रकिया अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है।


