सड़क हादसों में मदद करने वालों को अब डर नहीं : जीवन बचाने पर कानूनी सुरक्षा और ₹25,000 का सम्मान, न झंझट न खर्च

सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे गोल्डन आवर कहा जाता है, किसी भी घायल व्यक्ति के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का निर्णायक समय होता है। इस दौरान समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से गंभीर विकलांगता और मृत्यु की आशंका को काफी हद तक रोका जा सकता है। इसी महत्वपूर्ण समय में आगे आकर मदद करने वाले आम नागरिकों को प्रोत्साहित और सुरक्षित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राह-वीर (गुड समैरिटन) नियम लागू किए हैं।


कानून की ढाल में सुरक्षित है राह-वीर : सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 134-ए के तहत अधिसूचित नियमों के अनुसार, दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कानूनी, पुलिस या प्रशासनिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

नेक नीयत से सहायता करने वाले राह-वीर को:

  • न तो हिरासत में लिया जा सकता है

  • न ही बार-बार बयान देने के लिए बाध्य किया जा सकता है

  • और न ही उसकी व्यक्तिगत जानकारी जबरन ली जा सकती है


राह-वीर बनने के लिए डॉक्टर होना जरूरी नहीं : इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि राह-वीर बनने के लिए किसी चिकित्सकीय प्रशिक्षण या विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। केवल घायल को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना या नजदीकी अस्पताल ले जाना भी जीवन रक्षक साबित हो सकता है। कई बार मदद करने की भावना ही सबसे बड़ी सहायता होती है।


क्या करें: राह-वीर के अधिकार

  • बिना डर के घायल की मदद करें

  • चाहें तो पूरी तरह गुमनाम रह सकते हैं

  • पुलिस को केवल एक बार बयान देने का अधिकार

  • अस्पताल से इलाज लाने की साधारण पुष्टि (रसीद) प्राप्त कर सकते हैं


क्या न करें: भ्रम से दूर रहें

  • कानूनी डर के कारण मदद से पीछे न हटें

  • अस्पताल में रुकने के लिए बाध्य न महसूस करें

  • इलाज का भुगतान करने की जिम्मेदारी आप पर नहीं

  • एफआईआर या गवाही देना आपकी इच्छा पर निर्भर

  • जबरन हिरासत या व्यक्तिगत जानकारी देना अनिवार्य नहीं


भारत में सड़क दुर्घटनाएं – एक गंभीर चुनौती : देश में सड़क नेटवर्क के विस्तार के बावजूद दुर्घटनाओं में मृत्यु और चोट के मामले चिंताजनक बने हुए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं से देश को जीडीपी का लगभग 3 प्रतिशत आर्थिक नुकसान होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सहायता मिलने से बड़ी संख्या में जानें बचाई जा सकती हैं।

राह-वीरों को सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन : सरकार की राह-वीर योजना के अंतर्गत गोल्डन आवर में किसी दुर्घटना पीड़ित को चिकित्सा सहायता दिलाने वाले व्यक्ति को:

  • ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि

  • प्रशंसा पत्र प्रदान किया जाता है

एक व्यक्ति वर्ष में पांच बार तक यह सम्मान प्राप्त कर सकता है, जिससे समाज में सहायता की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।

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