सम्मान: भारतीय मूल की पत्रकार मेघा को मिला पुलित्जर, दुनिया के सामने खोली चीन के झूठ की पोल

न्यूयॉर्क : भारतीय मूल की पत्रकार मेघा राजगोपालन ने पुलित्जर अवार्ड जीता है। उन्होंने दुनिया के सामने चीन के हिरासत केंद्रों की सच्चाई को उजागर किया था। चीन के शिनजियांग प्रांत में बने इन केंद्रों में लाखों उइगर मुस्लिमों को कैद कर रखा गया है। मेघा के अलावा भारतीय मूल के नील बेदी को भी इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मेघा ने इंटरनेशनल रिपोर्टिंग श्रेणी में यह पुरस्कार जीता है।

उन्होंने दो सहयोगियों के साथ मिलकर सैटेलाइट तस्वीरों के जरिये यह उजागर किया कि चीन ने किस तरह लाखों उइगरों को हिरासत केंद्रों में रखा है। मेघा ने इस पुरस्कार को बजफीड न्यूज के दो सहकर्मियों के साथ साझा किया है। इंटरनेट मीडिया बजफीड न्यूज ने बताया कि वर्ष 2017 में मेघा ने पहली बार एक हिरासत केंद्र का तब दौरा किया था, जब चीन ने इस तरह की जगह होने से इन्कार किया था। वहां की सरकार ने मेघा को चुप कराने की कोशिश की थी।

उनका वीजा रद कर दिया था और देश से निकाल दिया था। हालांकि लंदन से काम करने वाली मेघा ने चुप रहने से इन्कार कर दिया और चीन का सच दुनिया के सामने लाने के लिए काम किया। पुरस्कार जीतने के बाद मेघा ने कहा, ‘मुझे पुरस्कार जीतने की कोई उम्मीद नहीं थी। मैं अपने सहयोगियों के प्रति आभारी हूं।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter