नई दिल्ली : नागर विमानन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन की आधारशिला रखी।
नए टर्मिनल का लक्ष्य स्थानीय कला, संस्कृति और स्थायी डिजाइन को सामंजस्यपूर्ण और पर्यावरण के प्रति जागरूक तरीके से संयोजित करते हुए 5-स्टारएकीकृत पर्यावास मूल्यांकन के लिए ग्रीन रेटिंग (जीआरआईएचए) प्राप्त करना है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार वृद्धिशील विकास के लिए नहीं बल्कि बड़े परिवर्तनों के लिए कार्यकर रही है। इसे अपनाते हुए, यह टर्मिनल भवन 17,029 वर्गमीटर पर विकसित किया जाएगा जो मौजूदा टर्मिनल भवन का 400 गुना अधिक है। विस्तार के बाद इस भवन का कुल क्षेत्रफल 21,094 वर्गमीटर होगा, जो 2100 यात्रियों को सेवा प्रदान करने में सक्षम होगा, यह मौजूदा क्षमता का 10 गुना अधिक है। श्री सिंधिया ने आश्वासन दिया कि इस नए टर्मिनल भवन के विकास के बाद यदि मांग हुई तो केंद्र सरकार एक नया कार्गो टर्मिनल स्थापित करेगी।

आंध्र प्रदेश में नागर विमानन के विकास पर सिंधिया ने कहा कि 2014 से पहले आंध्र प्रदेश में केवल 4 हवाई अड्डे थे, अब 6 हवाई अड्डे हैं। वर्ष 2014 में एयर ट्रैफिक मूवमेंट 388 से बढ़कर 1162 हो गया है।
सिंधिया ने यह भी बताया कि राज्य में दो नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, भोगापुरम और नेल्लोर में बनाए जा रहे हैं और प्रकाशम जल बैराज जल्द ही जनता के लिए तैयार हो जाएगा।
भारतीय विमानन क्षेत्र के बारे में उन्होंने कहा कि 2030 तक 200 से अधिक हवाई अड्डे होंगे, जिनमें विशेष रूप से टियर 2 और टियर 3 शहरों के हवाई अड्डे शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, हम 40 करोड़ से अधिक यात्रियों को हवाई सेवा मुहैया करा सकेंगे, इस प्रकार सबसे बड़ा विमानन बाजार बनने का हमारा सपना पूरा होगा।
कुल क्षेत्र 21,094 वर्गमीटर हो जाएगा,इस पर 350 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस विस्तार से पीक आवर्स के दौरान 2100 यात्रियों और सालाना 30 लाख यात्रियों को सेवा देने में मदद मिलेगी।
हवाई अड्डे पर निम्नलिखित यात्री सुविधाएं होंगी:
- 28 चेक-इन-काउंटर
- आगमन में चार कन्वेयर बेल्ट (मौजूदा टर्मिनल को आगमन में परिवर्तित करना)
- आठ एक्स-बीआईएस मशीनें
- तीन एयरोब्रिज
- खाद्य और पेय पदार्थ और रिटेल आउटलेट की पर्याप्त संख्या
- सुगम्य भारत अभियान के मानदंडों के अनुसार दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं
- लगभग 600कारों के लिए पार्किंग क्षेत्र

हवाई अड्डे की नव उन्नत टर्मिनल इमारत बड़े पैमाने पर राज्य और राजमुंदरी के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी क्योंकि इसमें समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि समाहित होगी, साथ ही एक नया टर्मिनल भवन पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र होगा।


