नई दिल्ली : सुनंदा पुष्कर मौत मामले में आरोपित कांग्रेस सांसद शशि थरूर के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला 18 अगस्त तक टाल दिया गया है।
दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट ने थरूर की तरफ से कागजात पेश करने की मांग को लेकर दायर आवेदन को ठुकरा दिया। न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने कहा कि इसके आगे वह किसी भी नए आवेदन पर सुनवाई नहीं करेंगी।
सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने थरूर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में भारतीय दंड सहिंता की धारा 306, 498ए और 302(हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। 12 अप्रैल को कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोप तय करने पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अभियोजन पक्ष ने शशि पर भारतीय दंड संहिता की धारा 306 और 498-ए के तहत आत्महत्या और क्रूरता के लिए उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
वहीं, थरूर ने दलील दी है कि मामले की जांच करने वाले विशेष जांच दल ने उन पर लगे सभी आरोपों से उन्हें पूरी तरह से बरी किया है। थरूर ने दलील दी है कि उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं है और उन्हें बरी किया जाए। सुनंदा की मौत को आकस्मिक माना जाना चाहिए।
थरूर पर धारा 498-ए और 306 के तहत आरोप लगाए गए हैं, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था। पांच जुलाई 2018 को थरूर को जमानत दी गई थी। सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी, 2014 की रात को दिल्ली के एक होटल में मृत पाई गई थीं।


