चेन्नई : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द से राज्य सरकार द्वारा 2018 में की गई अनुसंशा को स्वीकार करने का अनुरोध किया है।राज्य सरकार ने राजीव गांधी हत्या मामले के सात दोषियों की उम्रकैद की सजा माफ करने और उनकी तुरंत रिहाई का निर्देश देने की सिफारिश की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषी पिछले करीब तीस साल से सजा भुगत रहे हैं और राज्य ने उनकी शीघ्र रिहाई की मांग की है। अधिकांश राजनीतिक पार्टियों ने भी दोषियोंे को क्षमा करने का आग्रह किया है। राष्ट्रपति कोविन्द को संबोधित पत्र में स्टालिन ने कहा, ‘यह तमिलनाडु की जनता की भी इच्छा है।’ 19 मई को लिखा गया पत्र गुरुवार को मीडिया को उपलब्ध कराया गया। राजीव हत्या मामले के सात दोषियों में वी. श्रीहरन उर्फ मुरुगन, उसकी पत्नी नलिनी, संतन, एजी पेरारिवलन, जयकुमार, राबर्ट पायस और पी. रविचंद्रन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया है कि नौ सितंबर, 2018 को तमिलनाडु सरकार ने राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के पास सभी सातों दोषियों की बाकी की सजा माफ करने और उनकी शीघ्र रिहाई की सिफारिश भेजी थी। क्षमादान की शक्ति के प्रयोग में सीबीआइ की बहु-अनुशासनिक निगरानी एजेंसी की लंबित जांच रुकावट है।
केंद्र सरकार और सीबीआइ ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना रुख साफ किया कि सजा माफी और जांच के बीच कोई संबंध नहीं है, इसलिए राज्यपाल ने फैसला लिया कि सजा माफी पर फैसला लेने के लिए राष्ट्रपति सक्षम अधिकारी हैं और राज्य सरकार की सिफारिश राष्ट्रपति कार्यालय के पास भेज दी गई। कहा गया है कि ये सातों कैदी बीते तीस वर्षों में काफी कठिनाइयों का सामना कर चुके हैं।


