देश की 11 करोड़ महिलाओं को समूह के माध्यम से मिली 50 हजार करोड़ की मदद : तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय, कृषि मंत्री चौहान ने दी जानकारी

Bhopal News : भोपाल । केंद्रीय ग्रामीण विकास व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में बहनों और लखपति दीदियों के साथ पौधरोपण किया। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के प्रयासों पर प्रकाश डाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए कार्यों की सराहना की।

चौहान ने कहा कि भारत में हजारों वर्षों से यह माना गया है कि जहां महिलाएं, मां, बहन और बेटियों को सम्मान मिलता है, वहां देवता भी वास करते हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के सभी पहलुओं आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों को भी साझा करते हुए बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका महत्वपूर्ण हिस्सा आजीविका मिशन है।

तीन करोड़ लखपति दीदीयां बनाने की तैयारी :

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि आजीविका मिशन के तहत देशभर में 91 लाख महिला स्वयं सहायता समूह बन चुके हैं। जिनमें 11 करोड़ महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों को अब तक 50 हजार करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है, और इसके साथ ही 10 लाख 14 हजार करोड़ रुपये सस्ते ब्याज दरों पर बैंकों से उपलब्ध कराए गए हैं।

वर्तमान में सवा करोड़ लखपति दीदी बन चुकी हैं और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। ये लखपति दीदी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और समाज में उनका मान-सम्मान बढ़ा है।

महिलाओं को दिया गया 50 हजार करोड़ का ऋण :

आज तक महिला स्वयं सहायता समूहों को 50 हजार करोड़ रुपये की राशि दी गई है, जिससे महिलाओं को छोटे-बड़े व्यापारों में निवेश करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। इसके अतिरिक्त, 10 लाख 14 हजार करोड़ रुपये का ऋण बैंकों से सस्ते ब्याज दरों पर महिलाओं को प्राप्त हुआ है। जिससे वे व्यवसाय में वृद्धि कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार ला रही हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण उनके सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे बड़ा आधार है। इस दिशा में जारी प्रयासों से हर महिला को आत्मनिर्भर बनाने का सपना जल्द ही साकार होगा।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter