मुंबई। वैश्विक रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विनिर्माण क्षेत्र में भारत की बढ़ती धमक को प्रदर्शित करने के लिए गुरुवार, 22 अक्टूबर से मुंबई के गोरेगांव स्थित बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर (NESCO) में तीन दिवसीय ‘इंडिया केम 2026’ (India Chem 2026) का 14वां द्विवार्षिक सम्मेलन शुरू हो रहा है। रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग (रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय) तथा फिक्की (FICCI) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ का उद्घाटन केंद्रीय रसायन, उर्वरक व स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल सहित महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और ओडिशा के मुख्यमंत्री तथा केंद्र व राज्यों के शीर्ष नीति निर्माता शामिल होंगे।
इस वर्ष सम्मेलन की थीम “एडवांटेज भारत: एक उभरता हुआ वैश्विक रसायन केंद्र” (Advantage Bharat: An Emerging Global Chemical Hub) रखी गई है। एशिया में चौथे और विश्व स्तर पर छठे सबसे बड़े रासायनिक उत्पादक के रूप में भारत का यह क्षेत्र वर्तमान में तेज गति से विस्तार ले रहा है, जिसके 2030 तक 300 बिलियन डॉलर और 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग ₹83 लाख करोड़) का आंकड़ा छूने का अनुमान है।
जापान पार्टनर कंट्री, 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा
भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय आर्थिक व रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से 14वें संस्करण में जापान को भागीदार देश (Partner Nation) बनाया गया है:
- ग्लोबल सीईओ राउंडटेबल: सम्मेलन में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और यूरोपीय संघ सहित 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। 50 से अधिक वैश्विक सीईओ और 8,000 से अधिक व्यापारिक प्रतिनिधि भारतीय उद्योगपतियों के साथ साझा उपक्रम (Joint Ventures) और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर चर्चा करेंगे।
- प्रमुख राज्यों का पवेलियन: मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और तमिलनाडु जैसे राज्य अपने पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्रों (PCPIR) और केमिकल पार्कों में उपलब्ध सिंगल-विंडो सिस्टम व औद्योगिक सब्सिडी का प्रदर्शन करेंगे।
ग्रीन केमिस्ट्री, एआई ऑटोमेशन और एडवांस पॉलीमर का प्रदर्शन
प्रदर्शनी में केवल पारंपरिक रसायन ही नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों और सतत विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
- स्पेशलिटी व ग्रीन केमिकल्स: सेमीकंडक्टर, नैनोमटेरियल, फार्मास्युटिकल सामग्री, जैविक खाद, टिकाऊ पॉलीमर और ऑटोमोटिव व एयरोस्पेस में उपयोग होने वाले हाई-परफॉर्मेंस प्लास्टिक के नए मॉडल प्रदर्शित होंगे।
- स्मार्ट विनिर्माण और रोबोटिक्स: रासायनिक संयंत्रों में कार्बन उत्सर्जन घटाने, जल शोधन (Effluent Treatment), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुरक्षा प्रणालियों के लाइव मॉडल दिखाए जाएंगे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में चीन के विकल्प और एक भरोसेमंद सोर्सिंग व मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के रूप में स्थापित करना है।

