भोपाल। मध्यप्रदेश में तेज और निर्बाध आवागमन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने युगांतरकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित ‘समत्व भवन’ में आयोजित मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) संचालक मंडल की 49वीं बैठक में प्रदेश के भीतर करीब ₹63,296 करोड़ की लागत से 1,398 किलोमीटर लंबाई वाले 5 नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर्स विकसित करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य का कोई भी गांव, कस्बा या शहर पक्की सड़कों के नेटवर्क से अछूता न रहे। लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, ग्रामीण विकास और उद्योग विभाग आपसी समन्वय से काम करते हुए निर्माणाधीन परियोजनाओं की गति को प्राथमिकता के साथ तेज करें।
1,398 किमी लंबे 5 नए फोर लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर्स: डीपीआर की प्रक्रिया शुरू : स्वीकृत किए गए सभी 5 कॉरिडोर ‘फोर लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड पेव्ड शोल्डर’ वाले अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे होंगे:
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भोपाल से ग्वालियर (320 किमी): राजधानी भोपाल से चंबल-ग्वालियर अंचल को सीधा और तीव्र सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए डीपीआर कंसल्टेंट चयन की निविदा प्रक्रिया जारी है।
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भोपाल से मंदसौर (258 किमी): मालवा अंचल को राजधानी से जोड़ने के लिए कंसल्टेंट द्वारा फीजिबिलिटी रिपोर्ट और श्रेष्ठ अलाइनमेंट का चयन प्रगति पर है।
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सागर से सतना (227 किमी): बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के बीच त्वरित आवागमन के लिए फीजिबिलिटी अध्ययन अंतिम चरण में है।
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जबलपुर से आशापुर (358 किमी): महाकौशल और निमाड़ क्षेत्र को जोड़ने वाले इस लंबे कॉरिडोर का अलाइनमेंट तय किया जा रहा है।
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कटनी से सिंगरौली (235 किमी): ऊर्जा राजधानी सिंगरौली और औद्योगिक क्षेत्र कटनी के बीच नए मार्ग के निर्माण के लिए डीपीआर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
किसानों को बड़ी राहत: टोल प्लाजा पर कंबाइन हार्वेस्टर टैक्स-फ्री : खेती-किसानी को सुगम बनाने के लिए संचालक मंडल ने किसान हितैषी महत्वपूर्ण निर्णय लिया:
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टोल से छूट: निगम के अधीन संचालित सभी बीओटी (टोल), बीओटी (टोल एवं एन्युटी) और ओएमटी टोल नाकों से गुजरने वाली कृषि कार्य में प्रयुक्त कंबाइन हार्वेस्टर मशीनों को टोल टैक्स से पूर्णतः मुक्त रखने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
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राजमार्ग निधि का नया नाम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम द्वारा प्रस्तावित राजमार्ग निधि का नया नामकरण करते हुए इसे ‘विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ’ नाम दिया है।
प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और अन्य अहम स्वीकृतियां : बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में कई अन्य प्रस्तावों पर मुहर लगी:
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नवीन पदों का सृजन: निगम के सुचारू संचालन के लिए मुख्य अभियंता के 2, महाप्रबंधक के 3 और उप महाप्रबंधक के 5 नवीन पदों के सृजन तथा विधि सहायकों के मानदेय में वृद्धि को स्वीकृति दी गई।
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परिसंपत्ति अधिग्रहण व विनिवेश: अरेरा हिल्स भोपाल स्थित मप्र तिलहन संघ भवन (पीएएम भवन) के अधिग्रहण तथा बीओटी अंतर्गत 4 लेन जावरा-नयागांव खंड परियोजना में शत-प्रतिशत इक्विटी के विनिवेश को मंजूरी प्रदान की गई।
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मार्गों का स्वामित्व: बैंक ऋण के माध्यम से उन्नयन होने वाले राज्य राजमार्गों एवं अन्य मुख्य जिला मार्गों (MDR) का स्वामित्व एमपीआरडीसी को सौंपने का निर्णय लिया गया।

