मोदी ने भारत की एक्ट इस्ट नीति में वियतनाम को बताया महत्वपूर्ण स्तंभ

भारत की एक्ट ईस्ट नीति के लिहाज से आज का दिन खासा महत्वपूर्ण रहा… भारत और वियतनाम के बीच आज वर्चुअल समिट हुई जिसमें पीएम मोदी और वियतनाम के पर्धानमंत्री ने शिरकत की… दोनों देशो के बीच 7 समझौते हुए है तो कई क्षेत्रो में मिलकर सहयोग को बढ़ाने पर बी सहमति बनी है।

 

ये भारत और वियतनाम की दोस्ती के नए अध्याय की शुरुआत है. ​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक के बीच आयोजित वर्चुअल शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने संबंधों को नए क्षेत्रों में विस्तार देने का फैसला किया तो रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के रोडमैप पर भी सहमति बनी. इस मौके पर पीएम मोदी ने वियतनाम को भारत की Act East Policy का महत्त्वपूर्ण स्तम्भ बताते हुए उसे हिंद प्रशांत क्षेत्र का एक 
एक महत्त्वपूर्ण सहयोगी भी बताया.

शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं ने समग्र रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत चल रहे सहयोग के विभिन्न पहलुओं का आकलन किया तो साल 2023 तक की कार्ययोजना को लेकर एक दृष्टिपत्र भी जारी किया. पीएम मोदी ने कहा कि शांति, समृद्धि और लोगों से विश्व को हमारे संबंधों की गहराई का एक मजबूत संदेश जायेगा।

बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच सात समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए, जिसमें रक्षा, वैज्ञानिक रिसर्च, परमाणु ऊर्जा, पेट्रो केमिकल्स, पुनर्नवीकरणीय ऊर्जा, और कैंसर के इलाज जैसे विषयों को लेकर समझौते शामिल हैं।

इस मौके पर वियतनाम के प्रधानमन्त्री ने रक्षा सहयोग के लिए भारत द्वारा दिए जा रहे लाइन ऑफ क्रेडिट को लेकर भारत का आभार जताया. 

वर्चुअल शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने विकास सहयोग, और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में भी नई पहलों का एलान किया गया।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के नेताओं ने द्विपक्षीय चर्चा के दौरान एक नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था बनाने की बात कही। साथ ही दक्षिणी चीन सागर में होने वाली गतिविधियों को समझौतों से चलते दूसरे देशों के हितों के प्रभावित नहीं होने पर भी ज़ोर दिया।

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