प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वभारती विश्वविद्यालय शताब्दी समारोह को संबोधित किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वभारती विश्वविद्यालय शताब्दी समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्व भारती के लिए गुरुदेव के विजन, आत्मनिर्भर भारत का सार- ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान को विश्व कल्याण और समृद्धि का मार्ग’ बताया।

 

पश्चिम बंगाल स्थित विश्व भारती विश्वविद्यालय का शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है। इस मौके पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद थे।

विश्वभारती विश्वविद्यालय में संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, भारत की आत्मा, भारत की आत्मनिर्भरता और भारत का आत्मसम्मान एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। पीएम मोदी का कहना है कि भारत के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए बंगाल की पीढ़ियों ने खुद को खपा दिया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सोलर एलायंस के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के काम में लगा हुआ है और पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने में सही मार्ग पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भक्ति आंदोलन से देश को जहां एक ओर चेतना मिली, वहीं उस वक्त स्थापित विश्वविद्यालयों ने वैचारिक आंदोलन खड़ा कर देश को आजादी दिलाने में मदद की। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में विश्व भारती विश्वविद्यालय की अहम भूमिका होगी। पीएम मोदी ने कहा कि विश्व भारती के लिए गुरुदेव का जो दृष्टिकोण था, वो आत्मनिर्भर भारत का भी सार है। गुरूदेव के विचारों को प्रासंगित बताते हुए उन्होंने कहा कि वेद से विवेकानंद तक भारत के चिंतन की धारा गुरुदेव के राष्ट्रवाद के चिंतन में भी मुखर थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के जब सौ साल पूरे होंगे, उस समय के लिए हमें नए लक्ष्य गढ़ने होंगे। कोरोना महामारी के कारण इस बार शांतिनिकेतन पौष मेला नहीं हो सका था। प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से आह्वान करते हुए कहा कि छात्र पौष मेले के कलाकारों के उत्पाद को ऑनलाइन बेचने में मदद करें। 
 

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