दतिया । आचार्यश्री ज्ञानसागर महाराज के शिष्य मुनिश्री ज्ञेय सागर महाराज ने बारां राजस्थान से पद मंगल बिहार करते हुए बुधवार को जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिर में मंगल प्रवेश किया। सोनागिर स्थित विश्राम गेस्ट हाउस से जैन ध्वज और गाजेबाजे के साथ मुनिश्री को मंगल प्रवेश कराया गया।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्श कलम ने बताया कि मुनिश्री ज्ञेय सागर का आगमन सोनागिर सिद्धक्षेत्र में होने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। मुनिश्री ज्ञेय सागर महाराज का वात्सल्य मंगल मिलन मुनिश्री विश्ववीर सागर एवं पूजा भूषण, भक्ति भूषण से हुआ। वहीं सोनागिर कमेटी के अध्यक्ष अनिल जैन, महांमत्री बालचंद जैन, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र जैन, रमेश जैन, संदीप जैन, राकेश जैन, अंकित जैन, सहित मुनिराजों और आर्यिका माताश्री संतों ने मुनिश्री की भव्य मंगल अगवानी शोभायात्रा के साथ की गई।
संतों ने समोशरण मंदिर के दर्शन किए। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत कर ओहि मंदिर समितियों ने मुनिश्री का पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी। मुनिश्री गाजेबाजे के साथ पहाड़ी पर्वतराज पर पहुंचे, जहां विराजमान भगवान चंद्र प्रभु के दरबार में पहुंचकर उन्होंने दर्शन किए।
ज्ञानसागर महाराज की समाधि 15 नंवबर बांरा में हुई थी
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि शांति सागर छाणी परम्परा के सप्तम पट्टचार्य सराकोधारक ज्ञान सागर महाराज की समाधि 15 नंवबर को बांरा राजस्थान में महावीर भगवान के मोक्षकल्याण व गौतमस्वामी के केवल ज्ञान के समय गोधुलि बेला में हुई थी। बांरा राजस्थान के चतुर्मास के उपरांत उनके शिष्य ज्ञेय सागर महाराज अपने गुरू की दीक्षा स्थली सोनागिर पधारे है।

