प्रधानमंत्री ने 34वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने कई योजनाओं, परियोजनाओं व कार्यक्रमों के साथ ही शिकायतों की स्थिति का जायज़ा लिया. उनमें रेलवे, सड़क परिवहन और हाइवे, आवास और शहरी विकास से संबंधित मामले शामिल रहे. उन सभी की लागत तकरीबन 1 लाख करोड़ की है, जो कि कुल 10 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है.
इसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और दादर नगर हवेली शामिल हैं. प्रधानमंत्री ने मुख्य सचिवों से लंबित परियोजनाओं को तय समय सीमा के अंदर पूरा करने के लिए कहा.
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत व जल जीवन मिशन से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की. साथ ही प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना में जल्द से जल्द सभी पात्र लोगों यानि सौ प्रतिशत लक्ष्य को पूरा करने के लिए भी कहा और केंद्र शासित प्रदेशों को जल्द ही जल जीवन मिशन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मिशन मोड में काम करने का खाका तैयार के लिए प्रोत्साहित किया.
इसके अलावा उपभोक्ता मामलों से संबंधित शिकायतों के बारे में जानकारी ली. उन्होंने शिकायतों के निवारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए. 33वीं समीक्षा बैठक में 280 परियोजनाओं के साथ ही 50 योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा की गई थी.


