नईदिल्ली. भारत में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और केरल में 84 हजार 775 पक्षियों की मौत. अधपका नॉन-वेज खाना और अंडे खाने से बचें, जहां पक्षियों की मौत हुई हो वहां न जाएं
देश के छह राज्यों में बर्ड फ्लू का कहर जारी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा हिमाचल प्रदेश और केरल में 84 हजार 775 पक्षियों की मौत हो चुकी है। मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। ज्यादातर पक्षियों से लिए गए सैम्पल में H5N1 एवियन इनफ्लूएंजा वायरस की पुष्टि हो चुकी है। हरियाणा और गुजरात के सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है।
क्या है बर्ड फ्लू वायरस
इसे एवियन इनफ्लुएंजा वायरस भी कहते हैं। बर्ड फ्लू के सबसे कॉमन वायरस का नाम H5N1 है। यह एक खतरनाक वायरस है जो चिड़ियों के साथ इंसान और दूसरे जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, H5N1 को 1997 में खोजा गया था। इस वायरस से संक्रमित होने पर 60% मामलों में मौत हो जाती है।
बर्ड फ्लू के लक्षण
● खांसी
● डायरिया
● सांस लेने में दिक्कत
● बुखार
● सिरदर्द
● मांसपेशियों में दर्द
● नाक बहना
● गले में दिक्कत
कैसे पहुंचता है इंसानों तक यह वायरस
ये बीमारी संक्रमित मुर्गियों या अन्य पक्षियों के बेहद निकट रहने से ही फैलती है। यानि मुर्गी की अलग-अलग प्रजातियों से डायरेक्ट या इन्डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में रहने से इंसानों में बर्ड फ्लू वायरस फैलता है फिर चाहे मुर्गी जिंदा हो या मरी हुई हो। इंसानों में ये वायरस उनकी आंखों, मुंह और नाक के जरिए फैलता है। इसके अलावा इंफेक्टिड बर्ड्स की सफाई या उन्हें नोंचने से भी इंफेक्शन फैलता है।
क्या बरतें सावधानियां
● मरे हुए पक्षियों से दूर रहें
● अगर आपके आस-पास किसी पक्षी की मौत हो जाती है तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें
● बर्ड फ्लू वाले एरिया में नॉनवेज ना खाएं
● जहां से नॉनवेज खरीदें वहां सफाई का पूरा ध्यान रखें
● कोशिश करें कि मास्क पहनकर बाहर निकलें
क्या है बर्ड फ्लू का इलाज
बर्ड फ्लू का इलाज एंटीवायरल ड्रग ओसेल्टामिविर (टैमीफ्लू) (oseltamivir (Tamiflu) ) और ज़ानामिविर (रेलेएंजा) (zanamivir (Relenza)) से किया जाता है। इस वायरस को कम करने के लिए पूरी तरह आराम करना चाहिए। हेल्दी डायट लेनी चाहिए जिसमें अधिक से अधिक लिक्विड हो। बर्ड फ्लू अन्य लोगों में ना फैले इसके लिए मरीज को एकांत में रखना चाहिए।


