दतिया । भोपाल लैब से दतिया में पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू होने की पुष्टि कर दी गई है। जिले में लगातार हो रही कौवे और अन्य पक्षियों की मौत होने की घटनाओं के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किए बगैर ही सीधे भोपाल लैब से जांच रिपोर्ट के बारे मंे जानकारी पूछी। जिसमें लैब ने दतिया में पक्षियों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू के वायरस बर्डफ्लू स्ट्रैन एच-5 के होने की पुष्टि कर दी है। इस खबर के बाद दतिया में भी बर्ड फ्लू को लेकर दहशत बढ़ गई। पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग ने बताया है कि स्थानीय हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मृत मिले कौवे में बर्ड फ्लू वायरस पाया गया है। इसके बाद विभाग ने मुर्गे-मुर्गियों के भी सैंपल टेस्ट के लिए स्टेट लेबोरेटरी भोपाल भिजवाए हैं। इधर रविवार को भी बसई में पशु औषधालय के पास मृत अवस्था में मिले कौवे को देखकर ग्रामीण भयभीत हो गए। शहर में भी एक मकान की छत पर मृत कौवा मिला है।
जिले में कौवों की लगातार हो रही मौत का कारण स्टेट लेबोरेटरी ने स्पष्ट किया है कि कौवे की मौत बर्ड फ्लू वायरस के कारण हुई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि रविवार को भोपाल स्टेट लेबोरेटरी से बात की गई थी, तो बताया गया कि शिवपुरी और गुना सहित दतिया जिले में कौवों की मौत का कारण बर्ड फ्लू ही आया है। ऐसी स्थिति में यह तय हो गया कि जिले में बर्ड फ्लू की दस्तक हो गई है और पंछियों की मौत इसी से हो रही है। विभाग ने दोपहर बाद इसके लिए ताबड़तोड़ मुर्गे मुर्गियों के मल के सैंपल भी भोपाल भिजवाए हैं। अभी इस वायरस से किसी मुर्गे-मुर्गियों की जिले में मौत नहीं हुई है।
अब तक एक कबूतर सहित 13 कौवे की मौत
पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग ने बताया कि रविवार को भी एक कबूतर राजघाट कॉलोनी क्षेत्र में मृत पाया गया है। इसके अलावा 13 कौवे और एक कबूतर मिलाकर कुल 14 परिंदों की जान अब तक जा चुकी है। अन्य सूत्रों के अनुसार यह संख्या 15 से अधिक है। इसके साथ ही मरने वाले पक्षियों में एक मैना भी शामिल है।
बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद बैठक
कलेक्टर संजय कुमार के निर्देशन में सोमवार को बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद गाइड लाइन तय करने और दिशा-निर्देशों के लिए स्वास्थ्य विभाग, पशु चिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागों की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई है। हालांकि बताया जाता है कि अभी तक मुर्गे मुर्गियों में बर्ड फ्लू वायरस के संकेत नहीं मिले हैं, किंतु इसके बावजूद जिला प्रशासन ऐहतियाती कदम उठा रहा है। जिले भर के पोल्ट्री फॉर्म पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
मटन चिकन की बिक्री पर निर्णय सोमवार को
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार बर्ड फ्लू की पुष्टि लिखित रूप से जिले को प्राप्त नहीं हुई है, परंतु यह तय माना जा रहा है कि जिले में बर्ड फ्लू की दस्तक हो चुकी है। ऐसी स्थिति में जिले में बिकने वाले मटन और चिकन की दुकानों पर किस तरह का प्रतिबंध लगाया जाएगा और पोल्ट्री फॉर्म पर क्या नियम और कायदे लागू होंगे, इसका भी निर्णय सोमवार की बैठक में किया जाएगा।
इस मामले में उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं दतिया डा. जी.दास ने बताया कि शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मृत पाए गए कौवे की रिपोर्ट अभी आई तो नहीं है, किंतु भोपाल बात करने पर यह पुष्टि हो गई है कि 99 फ़ीसद उसकी मौत बर्ड फ्लू वायरस से हुई है। इसके बाद हमने झांसी रोड स्थित कुछ पोल्ट्री फॉर्म से मुर्गे-मुर्गियों के मल के सैंपल भी स्टेट लेबोरेटरी भेजे हैं। गाइड लाइन के बारे में कलेक्टर तय करेंगे।

