दतिया । जिले में बर्ड फ्लू के प्रकोप से अब तक अधिकृत रूप से 27 पक्षियों के मरने की बात कही गई है, वहीं दूसरी ओर दो तोते भांडेर के सुरैयन में मृत अवस्था में पाए गए हैं। जब तक लोगों ने इसकी सूचना दी, तब तक उन्हें कुत्ते खींच कर ले जा चुके थे। जबकि पशु चिकित्सा सेवा विभाग ने इस मामले की कोई पुष्टि नहीं की है। इस मामले की सूचना प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बताई जा रही है। बुधवार को एक कौवा तथा एक कबूतर राजघाट कालोनी स्थित विवेक दुबे के निवास के समीप मृत पाया गया।
पशु चिकित्सा सेवा विभाग के उप संचालक डा. जी.दास ने जानकारी में बताया कि जिले में अब तक कुल 27 पक्षियों की मौत हो चुकी है। इनमें 6 कबूतर, 17 कौवे, दो चिड़िया, एक कोयल तथा एक बतख बर्ड फ्लू से मृत हुए हैं। विभाग का कहना है कि जिले में अब बर्ड फ्लू का प्रभाव कम हो रहा है। अभी तक मुर्गे-मुर्गियों में बर्ड फ्लू का कोई प्रभाव देखने को नहीं मिला है। इधर भांडेर के सुरैयन क्षेत्र में दो तोतों के मरने की सूचना प्रत्यक्षदर्शियों ने दी है। बताया जाता है कि जब तक वे टीम को सूचित करते उससे पूर्व ही तोतों के शव को कुत्ते उठाकर ले ले गए।
जिले में अब मरने वाले पक्षियों के सैंपल अब भोपाल टेस्ट के लिए नहीं भेजे जा रहे हैं। विभाग ने बताया कि इन मरने वाले पक्षियों को गहरा गड्ढा खोदकर गाढा जा रहा है, ताकि संक्रमण ना फैले।
इसके अलावा पक्षियों को गाढ़ने से पूर्व एक प्रकार का केमिकल ट्रीटमेंट भी किया जाता है, ताकि उसके वायरस वहीं समाप्त हो जाए। विभाग का कहना है कि ज्यों-ज्यों धूप तेज होगी त्यों-त्यों बर्ड फ्लू का प्रभाव कम हो जाएगा। इस संदर्भ में अभी चिकन की दुकानों पर भी निगरानी की जा रही है। इसके अलावा पोल्ट्री फॉर्म को भी निरीक्षण किया जा रहा है। अभी तक जिले में किसी भी पोल्ट्री फॉर्म पर इस बीमारी के वायरस नहीं पहुंचे हैं, फिर भी शहर में मटन की बिक्री बर्ड फ्लू की सूचना के बाद घट गई है। बताया जाता है कि 40 से 60 फीसद बिक्री इससे प्रभावित हुई है।
