टीकाकरण का दूसरा दिन, देश के 6 राज्यों में 17 हजार से ज्यादा लोगों को लगा टीका , अब तक करीब सवा दो लाख लोगों को लगा टीका, एक दिन में टीके लगाने की संख्या में भारत ने बनाया विश्व रिकार्ड, कुछ लोगों को आई मामूली दिक्कतें.
देश में कोरोना वैक्सीनेशन के अभियान के दूसरे दिन भी स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दी गयी । देश में दूसरे दिन भी 6 राज्यों के तमाम केंद्रों पर स्वास्थयकर्मियों को टीका लगाने की प्रक्रिया जारी रही । तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद लाभार्थियों को टीके लगाए गए । स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक रविवार को टीकाकरण के दूसरे दिन कुल 6 राज्यों में 553 .सत्र आयोजित किए गए, जिसमें 17072 लाभार्थियों को टीका लगाया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ज्यादातर जगहों पर टीकाकरण पूरी तरह से सुचारु रुप से चला । हालांकि कुछ जगहों पर कुछ तकनीकें दिक्कतें हुई तो कुछ जगहों पर लोगों को टीका लगाने के बाद थोडी दिक्कतें हुई ।
देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के पहले दिन बेहद सफलताओं भरा रहा। दोनों दिन को मिलाकर अब तक करीब सवा दो लाख लोगों को टीका लगा है । पहले दिन के आंकडों की बात करें तो करीब दो लाख सात हजार से ज्यादा लोगों को टीका लगा । ये पूरे विश्व में पहले दिन टीका लगने का रिकार्ड है. राज्यों को टीकाकरण अभियान के लिए दो प्रकार के कोविड-19 टीकों की आपूर्ति की गई है, जिसमें सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्ड वैक्सीन सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आपूर्ति की गई है, वहीं, भारत बायोटेक की कोवैक्सिन वैक्सीन की आपूर्ति 12 राज्यों को की गई है। कर्नाटक में रविवार को राज्य के तमाम सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में लोगों को टीके दिए गए।
टीकाकरण के दौरान राजस्थान से एक अनोखी कहानी सामने आई, जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के 94 वर्षीय वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ.पी.सी. डांडिया ने कोविड-19 का टीका लगवाया और कहा कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है। पूरा देश इस महाअभियान के ज़रिए कोरोना पर निर्णायक प्रहार की तैयारी में जुट गया है । टीकाकरण पर विपक्ष के सवालों पर सरकार ने करारा पलटवार किया है।
इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, टीकाकरण के बाद अगर किसी को कोई दिक्कत हो तो जरूरी नहीं है कि उसका इतेमाल वैक्सीन से ही हो । कुल मिलाकर टीकाकरण सुचारु रुप से जारी है और लोगों को डरने की कोई जरुरत नहीं है ।


