लूट के आरोपी को ग्वालियर से दतिया लाकर मामला दर्ज करना पड़ा महंगा, कोतवाली टीआई निलंबित

दतिया ।  थाना कोतवाली के टीआई रत्नेश यादव को एसपी अमन सिंह राठौड ने निलंबित कर दिया। उनकी जगह कोतवाली का चार्ज सिविल लाइन थाना टीआई रविंद्र सिंह गुर्जर को सौंपा गया है। गौरतलब है कि विगत 15-16 जनवरी को रत्नेश यादव बिना बताए मुख्यालय छोड़कर ग्वालियर गए थे, जहां उस दौरान उनके साथ मोबाइल लूट की घटना हो गई। ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र में उन्होंने मामले की मात्र सूचना दे दी। दतिया आते समय ही आरोपित को पकड़कर वह अपने साथ दतिया लेकर आ गए और उसके खिलाफ 25 आर्म्स एक्ट का केस बना दिया।

इस मामले को लेकर जहां पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली टीआई रत्नेश यादव को निलंबित कर दिया है। वहीं ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र टीआई अनीता मिश्रा को भी मामले में दोषी मानते हुए लाइन अटैच किया गया है। जानकारी के अनुसार दतिया कोतवाली टीआई रत्नेश यादव मुख्यालय से बिना बताए अपने निजी वाहन से ग्वालियर गए थे। जहां पर कंपू थाना क्षेत्र में उनके साथ मोबाइल लूट की घटना हो गई। इसकी रिपोर्ट उन्होंने कंपू थाना क्षेत्र में भी नहीं करवाई और वहां मात्र घटना की सूचना भर दी।

जब कंपू थाना क्षेत्र पुलिस ने उस आरोपित को पकड़ लिया तो कोतवाली टीआई रत्नेश यादव उसे अपने सुपुर्दगी में लेकर दतिया लेकर आ गए और यहां पर टीआई यादव ने उक्त आरोपित के खिलाफ आर्म्स एक्ट का प्रकरण बनाकर हिरासत में ले लिया। जब इस मामले का खुलासा हुआ, तो जहां कंपू थाना क्षेत्र में रिपोर्ट नहीं लिखे जाने की बात को लेकर ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने कंपू थाना प्रभारी अनीता मिश्रा को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं दूसरी ओर इसके बाद मामले के गत रविवार रात को खुलासा होने पर पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने कोतवाली टीआई को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है।

इस तरह घटा पूरा घटनाक्रम

कोतवाली टीआई रत्नेश यादव के साथ मोबाइल की लूट करने वाले आरोपित सोम भार्गव निवासी गुड़ीगुड़ा का नाका ग्वालियर ने घटना को अंजाम दिया था। टीआई ने घटना की सूचना ग्वालियर कंपू थाने में दी। जिसके बाद आरोपित पकड़ा गया। कोतवाली टीआई रत्नेश यादव ने उसे वहां से लेकर कोतवाली दतिया आ गए और उस पर आर्म्स एक्ट का केस बना दिया। जबकि कंपू थाने में भी आरोपित की सुपुर्दगी कोतवाली टीआई रत्नेश यादव के नाम पर डाली गई थी। वहां कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया था। ऐसी स्थिति में एक ही आरोपित पर दो केस किस तरह दर्ज हो सकते हैं? दूसरा मामला यह था कि टीआई रत्नेश यादव बिना बताए ग्वालियर कैसे चले गए? इसे लेकर भी पुलिस महकमे में खासी हलचल है। इसी को लेकर ग्वालियर के कम्पू टीआई अनीता मिश्रा और दतिया के कोतवाली टीआई रत्नेश यादव पर पुलिस अनुशासन की गाज गिर गई।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड ने बताया कि कोतवाली टीआई रत्नेश यादव ने जो कृत्य किया है, वह गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। ऐसी स्थिति में उन्हें सजा मिलनी ही थी। इस कारण उन्हें सस्पेंड कर लाइन अटैच किया गया है। एक आरोपित पर दो अलग-अलग केस में कैसे वांछित हो सकता है। फिर टीआई ने बिना बताए मुख्यालय भी छोड़ा था। इस कारण उन्हें निलंबित किया गया है।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter