दतिया। दुरसड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बसवाहा में मंगलवार सुबह एक क्रेन की चपेट में आने से 55 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जाता है कि उक्त महिला खेत से चारा काटने जा रही थी, इसी दौरान तेज गति से आ रही क्रेन का पहिया उसे रौंदता हुआ निकल गया। हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को वहां जमा भीड़ की नाराजगी का सामना करना पड़ा। लोगों ने मौके से पीएम के लिए पुलिस को महिला का शव नहीं उठाने दिया। आक्रोशित लोग मौके पर एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे। कुछ लोगों ने वहां जाम भी लगा दिया। पुलिस की ओर से कार्रवाई के आश्वासन के बाद जाम खुला और महिला के शव को पीएम के लिए भेजा जा सका।
जानकारी के अनुसार ग्राम बसवाह निवासी महिला ललिता देवी पत्नी अतरसिंह उर्फ अत्तू पाल सुबह लगभग 8 बजे अपने खेत से पशुओं के लिए चारा काटने जा रही थी। जब वह बसवाहा भांडेर मार्ग पर पुल पर पहुंची तभी दतिया तरफ से आ रही क्रेन क्रमांक यूपी93सीटी2095 ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और पहियों में फंसकर महिलासड़क पर लगभग 20 फीट तक घिसटती चली गई। इस दर्दनाक हादसे में उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के वक्त क्रेन चालक मोबाइल पर किसी से बात करने में मशगूल था, जबकि मृतका अपनी साइड पर चल रही थी। उसने क्रेन को अपने नजदीक आता देख बचने का प्रयत्न भी किया लेकिन प्रयास विफल साबित हुआ और देखते ही देखते वह मौत का शिकार हो गई। घटना के तत्काल बाद क्रेन के ड्राइवर ने मौके से भागने का असफल प्रयास भी किया। लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बताया जाता है कि महिला की कोई संतान नहीं थी और 18 बीघा जमीन की खातेदार इस महिला ने अपने भतीजे रामकिशुन को गोद ले रखा था।
पुलिस को शव उठाने में करना पड़ी मशक्कत
हादसे की सूचना पर पहुंची दुरसड़ा पुलिस शव को पीएम के लिए भांडेर ले जाना चाहती थी। लेकिन घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया और मौके पर चक्का जाम की िस्थति आ गई। लोग एसपी को बुलाना चाहते थे। लेकिन काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उन्हें समझा लिया और वे शव का पीएम कराने पर राजी हुए । मृतका का पति अतर सिंह पाल घुमक्कड़ साधु प्रवृत्ति का व्यक्ति है। घर की जिम्मेदारी मृतका के ऊपर ही थी। घटना के वक्त मृतका का पति अछरू माता मंदिर पर था। उसे घटना की सूचना मिलने पर वह भी लौट आया। महिला के परिचितों का कहना था कि सुबह जिस वक्त मृतका ललिता खेत पर चारा काटने जा रही थी, तब उसके भतीजे रामकिशुन ने उससे चाय बनाने के लिए कहा था । लेकिन उसने जल्दी लौटकर चाय बनाने की बात कही। यदि वह उस वक्त चाय बनाने लग जातीं तो शायद मौत की वह घड़ी टल जाती।

