मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय आज अपना स्थापना दिवस मना रहा है। 21 जनवरी 1972 को इन्हें पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था।
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन0 बिरेन सिंह ने इंफाल में मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह का स्वागत किया। समारोह के दौरान, राज्य सरकार ने भारतीय सेना के दिवंगत मेजर लेशराम जोतिन के परिवार को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की। मेजर लाईशराम जोतिन अफगानिस्तान के काबुल में भारतीय दूतावास में 26 फरवरी 2010 को एक आत्मघाती हमले में मारे गए थे। त्रिपुरा में समारोह का उद्घाटन राज्यपाल रमेश बैस ने रबींद्र शताब्दी भवन में किया। इस समारोह में मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और अन्य कैबिनेट मंत्री भी उपस्थित थे।
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के0 संगमा ने राज्य के नागरिकों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर खेल, कला और संस्कृति और सामाजिक कार्यों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर पुरस्कार वितरित किए गए। पुलिस कर्मियों को वीरता पुरस्कार भी वितरित किए गए। इस अवसर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने वहां के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि ये राज्य अपनी अपार प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध इतिहास और संस्कृति के कारण आकर्षक हैं।
उपराष्ट्रपति एम0 वेंकैया नायडू ने कहा कि इन राज्यों का भारत में विशेष स्थान है क्योंकि ये अपने प्राकृतिक आहार और स्वस्थ जीवन शैली से देश के लोगों को प्रेरित करते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि त्रिपुरा की संस्कृति और लोगों के गर्मजोशी वाले स्वभाव की समूचे भारत में लोग सराहना करते हैं। राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में काफी विकास किया है। उन्होंने कहा कि राज्य नवाचार और खेल कूद संबंधी प्रतिभा का गढ़ है। श्री मोदी ने कहा कि मेघालय अपनी उल्लेखनीय दयालुता और भाईचारे की भावना के लिए जाना जाता है।


