नई दिल्ली : कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव अब पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद जून 2021 में होंगे.आज हुई बैठक में इसका फैसला लिया गया.
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, “कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने फैसला किया है कि जून 2021 में एक नए निर्वाचित कांग्रेस अध्यक्ष होंगे.”
सीडब्ल्यूसी की बैठक में वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक और पी चिदंबरम ने कथित तौर पर तत्काल संगठनात्मक चुनाव के लिए कहा. वे उन कांग्रेस नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने कई चुनावों में हार के बाद हाल के महीनों में पार्टी के नेतृत्व और प्रबंधन पर असहज सवाल उठाए हैं
इन नेताओं की मांग के खिलाफ तथाकथित गांधी परिवार के निष्ठावान- अशोक गहलोत, अमरिंदर सिंह, एके एंटनी, तारिक अनवर और ओमन चांडी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव बंगाल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के विधान सभा चुनावों के बाद होना चाहिए. एक नेता ने टिप्पणी की: “हम किसके एजेंडे पर काम कर रहे हैं? भाजपा हमारी पार्टी की तरह आंतरिक चुनावों के बारे में बात नहीं करती है? पहली प्राथमिकता राज्य के चुनाव और फिर संगठनात्मक चुनाव लड़ना है.”
आखिरकार, दूसरा गुट प्रबल साबित हुआ. हालांकि, नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के शेड्यूल पर सोनिया गांधी ही अंतिम निर्णय लेंगी. कांग्रेस की आंतरिक चुनाव समिति ने पहले मई के आखिर में पार्टी अध्यक्ष का चुनाव कराने के सुझाव दिया था.
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनावों में हार के बाद इसकी जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद सोनिया गांधी ने एक बार फिर से पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष का पद संभाला है. राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे के साथ साफ कर दिया था कि वो अब इस पद पर नहीं आएंगे, यहां तक कि यह भी कहा गया था कि उन्होंने प्रियंका गांधी के नाम को भी किनारे कर कहा था कि अब गांधी परिवार से कोई भी पार्टी का अध्यक्ष नहीं बनेगा लेकिन हाल के दिनों में उन्होंने अपने रुख में नरमी दिखाई है और गत दिनों वो फिर से अध्यक्ष बनने को तैयार हो गए थे.
प्रियंका गांधी के अध्यक्ष बनने की संभावना अधिक
कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने काफी बार बताया है कि वह प्रियंका गांधी को कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के रूप में देखने के लिए उत्सुक है उनका कहना है कि वह अगर अध्यक्ष बनती हैं तो निश्चित ही पार्टी का विकास हो सकता है और कांग्रेस की खोई हुई छवि भी वापस आ सकती है.


