दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री की वैज्ञानिकों, राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ निरंतर संवाद और चर्चा चल रही है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने वाराणसी क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मियों से टीकाकरण के बाद न सिर्फ उनके अनुभव जाने बल्कि इस प्रक्रिया को जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए प्रोत्साहित भी किया.
देश कोरोना वायरस के प्रकोप पर निर्णायक लड़ाई की शुरुआत कर चुका है, देश भर में टीकाकरण की रफ्तार लगातार तेज़ होती जा रही है. कुछ किंतु परंतु की गुंजाइश भी लगातार सिमटती जा रही है, वहीं शुक्रवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री जनता के सामने थे और एक बार फिर उन्होंने टीकाकरण से जुड़े मुद्दों और उससे जुड़े उद्देश्यों को जनता के सामने रखा. शुक्रवार को वाराणसी में टीकाकरण से जुड़े कर्मियों और लाभार्थियों से संवाद करते हुए पीएम ने कहा कि 2021 की शुरुआत बहुत ही शुभ संकल्पों से हुई है. काशी के बारे में कहते हैं कि यहां शुभता सिद्धि में बदल जाती है. इसी सिद्धि का परिणाम है कि आज विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान हमारे देश में चल रहा है.
16 जनवरी से दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण के रूप में देश में कोरोना की वैक्सीन लगने की शुरूआत हो चुकी है और पहले चरण के रूप में देश के मेडिकल प्रोफेश्नल्स और हेल्थ कैयर वर्कस को लगाई जा रही है. शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने एक बार फिर से ज़ोर दिया कि क्यों ये बेहद ज़रूरी है.
इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने वैक्सीन निर्माण को आत्मनिर्भर भारत की पहचान बताया तो कहा कि कैसे अब ये वैश्विक ज़रूरतों को भी पूरा कर रहा है.
दरअसल वैक्सीन मैत्री अभियान के तहत भारत अपने पड़ोसियों को लगातार वैक्सीन पहुंचा रहा है. भूटान, मालदीव, बांग्लादेश और नेपाल के बाद शुक्रवार को सेशेल्स और म्यामां तक भारत की वैक्सीन पहुंच गयी.
वाराणसी में कोविड टीकाकरण अभियान के लाभार्थियों के साथ प्रधानमंत्री के साथ संवाद में चिकित्साकर्मियों ने वैक्सीन लगाने के बाद अपने अनुभवों को भी साझा किया.
प्रधानमंत्री ने अपने संवाद में ज़ोर दिया कि हमारे देश के वैज्ञानिक बधाई के पात्र हैं कि कम समय में भी वैक्सीन निर्माण के सारे मापदंडों को पूरा किया और देश को संकट से उबार रहे हैं.
जहां तक टीकाकरण के बाद होने वाले असर की बात है तो इसके कुछ मामले सामने आए हैं लेकिन मामले बेहद साधारण ही हैं. वहीं, सरकार लगातार लोगों को जागरुक करके टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाने पर लगी है तो वही स्वास्थ्य ढ़ाचे में सुधार करके संकमण को रोकने का प्रयास कर रही है.


