पैसा निकालने के बाद भी निर्माण कार्य न करने वाले पंचायत सचिवों पर गिरेगी गाज, कलेक्टर ने दिए निर्देश

दतिया। ऐसे पंचायत सचिव जिनके द्वारा राशि आहरण करने के उपरांत भी निर्माण कार्य शुरू एवं पूर्ण नहीं किए गए है। उनकी इस कार्यशैली को वित्तीय अनुशानहीनता मानते हुए उनके विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएं। उक्त निर्देश कलेक्टर संजय कुमार ने विकास एवं निर्माण कार्यो की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिले की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिए हैं। 

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अतेन्द्र सिंह गुर्जर, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं निर्माण विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने स्वीकृत निर्माण कार्यो की प्रगति की समीक्षा करते हुए अभियंताओं को निर्देश दिए कि जो कार्य पूर्ण हो चुके है उनका पूर्णतः प्रमाण-पत्र जारी करें और ऐसे कार्य जो प्रगति पर है, उन्हें भी शीघ्र पूर्ण किया जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यो का क्षेत्र में जाकर कार्य की गुणवत्ता के साथ-साथ कार्य स्थल पर मूल्यांकन भी करें। उन्हांेने आंगनबाड़ी भवनों की समीक्षा करते हुए भवनों के निर्माण कार्यो में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बुन्देलखंड पैकेज के तहत जिले में पशुपालन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा करते हुए पशु उपचार स्थल के कार्यो में गति लाने को भी कहा।
कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण एवं विकास कार्यो में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं गुणवत्ता में कमी सहन नहीं की जाएगी। गुणवत्ता पूर्ण कार्य न होने पर संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसलिए जो भी निर्माण कार्य किए जाएं समय सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ करें। कलेक्टर द्वारा मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामुदायिक स्वच्छता परिसर, गोचर के लिए चारागृह भूमि की उपलब्धता, जय किसान योजना, मेड़ बंधान की समीक्षा भी की गई।

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