राजपथ की परेड में जब फ्लाई पास्ट का मौका आया, तो सबसे ज्यादा लोगों को आकर्षित किया राफेल लडाकू विमान ने. भारतीय रक्षा पक्ति के इस सबसे मजबूत विमान ने जब अपने करतब दिखाए, तो लोगों ने जमकर तालियां बजाई.
गणतंत्र दिवस पर लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है, तो वो हैं आसमान में गर्जना करते भारत के युद्धक विमानों का. 72वें गणतंत्र दिवस पर फ्लाई पास्ट की शुरुआत रूद्र फॉरमेशन से हुई, जिसमें एक डकोटा वायुयान, दो एमआई-17 हेलिकॉप्टरों के साथ ऱहे. 1947 में भारत-पाक युद्ध में डकोटा ने महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई थी.
रक्षक फॉरमेशन में अत्याधुनिक एमआई-35 हेलिकॉप्टर के साथ चार अपाचे हेलिकॉप्टरों ने अपना दम दिखाया. अपाचे ने युद्ध भूमि में शत्रुओं को पछाड़ने के लिए भारतीय वायुसेना को महत्वपूर्ण बढ़त दी है.
भीम फॉरमेशन में तीन सी-130 जे विमान ने विक्ट्री फॉरमेशन बनाए. सी-130 जे भारतीय वायुसेना का विशेष ऑपरेशन विमान है और सुदूर क्षेत्रों से छोटी और अर्धनिर्मित सरफेस पर संचालन में समर्थ है.
एक सी-17 ग्लोबमास्टर, 2 मिग-29 और 2 सू-30 एमकेआई ने गरुड़ की आकृति का निर्माण किया. जबकि तीन सुखोई-30 एमकेआई विमानों ने त्रिनेत्र आकृति बनाई. तीन उन्नत हल्के हेलीकॉप्टरों ने विजय आकृति का निर्माण करते हुए तिरंगे के रंग को हवा में बिखेरा.
एकलव्य फॉरमेशन की अगुवाई रफ़ाल लड़ाकू विमान ने की. दो जगुआर, दो मिग-29 लड़ाकू विमान के साथ वर्टिकल चार्ली रूप में अपने करतब दिखाते हुए.
इस बार गणतंत्र दिवस परेड के शो स्टॉपर रफ़ाल फाइटर जेट रहा. रफ़ाल जेट फाइटर को फ्लाई पास्ट में उड़ान भरता देखना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण रहा. एकल प्रदर्शन के तहत रफ़ाल फाइटर जेट ने आकाश में ‘ब्रह्मास्त्र’ की आकृति बनाई. इसकी गर्जना सुन जहां पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है तो वहीं दुश्मन के दिल ज़रूर कांप गए होंगे.


