प्रधानमंत्री ने संसद के बजट सत्र पर सर्वदलीय बैठक को किया संबोधित

प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि हमें उनके सपनों को पूरा करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए. उन्होंने सुबह यूएसए में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि नफरत का ऐसा माहौल हमारी दुनिया के लिए स्वागत योग्य नहीं है.

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार खुले दिमाग से कृषि कानूनों के मुद्दे पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार का रुख वैसा ही है, जैसा 22 जनवरी को था और कृषि मंत्री द्वारा दिया गया प्रस्ताव अभी भी कायम है. उन्होंने दोहराया कि कृषि मंत्री को सिर्फ एक फोन कॉल करके बातचीत को आगे बढ़ाया जा सकता है.

बैठक में नेताओं द्वारा 26 जनवरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का उल्लेख करने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून अपना काम करेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार बैठक में नेताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने संसद के सुचारु कामकाज और सदन के पटल पर व्यापक बहस के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सदन में बार-बार होने वाले व्यवधानों के कारण छोटे राजनीतिक दलों को पर्याप्त रूप से खुद को व्यक्त करने का अवसर नहीं मिल पाता है. उन्होंने कहा कि बड़े राजनीतिक दलों यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संसद सुचारु रूप से चले, कोई व्यवधान न हो और इस प्रकार छोटे दल संसद में अपने विचार रखने में सक्षम हों.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की भलाई के लिए कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उन्होंने देशवासियों के कौशल और साहस का उल्लेख किया, जो वैश्विक समृद्धि को गुणात्मक रूप से बढ़ाने के लिए एक ताकत हो सकती है. 

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