खेत में मृत पड़ी मिली 3 मोर, ग्रामीण बर्ड फ्लू की दहशत में, बेटनरी टीम ने कहा मौत का कारण अज्ञात

दतिया।  इंदरगढ़ से दो किमी दूर िस्थत ग्राम कुठोंदा में सोमवार शाम एक खेत में 3 मोर और कुछ अन्य पक्षियों के मरे पड़े होने की खबर ने ग्रामीणों को दहशत में ला दिया। बर्डफ्लू से पहले ही डरे हुए ग्रामीणों ने जब मौके पर जाकर देखा तो पता चला की जिस खेत में यह पक्षी मरे हैं वहां कीटनाशक का छिड़काव किया गया था। खेत में मटर के दाने चुगने के कारण इन पक्षियों के मारे जाने की संभावना ग्रामीणों ने जताई है। शाम 7 बजे तक वेटनरी चिकित्सक दल व जिम्मेदार अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचा था। जिस पर ग्रामीण नाराज दिखे।

जानकारी के अनुसार ग्राम कुठोंदा निवासी पुष्पेंद्र बुन्देला शाम 4 बजे अपने खेत पर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने रास्ते में पड़ने वाले मुन्ना तिवारी के खेत में 3 माेर और अन्य पक्षी मृत अवस्था में पड़े हुए देखे। पुष्पेंद्र मृत 3 मोर व 1 अस्वस्थ्य अवस्था में मिली मोर को उठाकर गांव में लेकर आए और ग्रामीणों को इस बारे में जानकारी दी। खेत में पक्षियों के मरे पड़े होने की बात से ग्रामीण दहशत में आ गए। हिम्मत करके कुछ ग्रामीण मुन्ना तिवारी के खेत पर पहुंचे तो वहां कुछ पक्षी मृत पड़े मिले।

जानकारी पर पता चला कि मुन्ना तिवारी सहित कुछ अन्य लोगों ने अपने खेत में एक दिन पहले ही कीटनाशक दवा का छिड़काव किया था। ग्रामीणों का कहना है कि खेत में मटर बोई जाने के कारण दाना चुगने से यह पक्षी मरे हैं। फिलहाल जांच के बाद ही पक्षियों के मृत होने की िस्थति स्पष्ट हो सकेगी। मृत मोरों को ग्रामीणों ने जांच दल के आने तक गांव में एक चबूतरे पर सुरक्षित रख दिया। शाम 7 बजे के बाद गांव में पहुंचे बेटनरी चिकित्सक डा.शर्मा एवं कंपाउडर रुपसिंह ने मृत मोरों को पीएम के लिए सुपुर्दगी में लिया। जब एक अन्य अस्वस्थ्य मोर का उपचार किया गया। इस मामले में डा. शर्मा का कहना था कि मृत मोरों के पीएम के बाद ही उनकी मौत के बारे में िस्थति स्पष्ट हो सकेगी।

बर्ड फ्लू की दहशत में दिखे ग्रामीण

इन दिनों वैसे ही बर्ड फ्लू की दहशत में लोग है। ऐसे में कुठोंदा ग्राम के लोग भी खेत पर पक्षियों के बड़ी तादाद में एक साथ मरने की घटना से सकते में आ गए। िस्थति जानने से पूर्व सभी इसे बर्ड फ्लू का कारण ही मान रहे थे। लेकिन जब मौके पर जानकारी की गई तो पता चला कि कीटनाशक दवा छिड़की हुई मटर के दाने चुगने से मोर व अन्य पक्षी मरे हैं। फिलहाल जांच दल पहुंचने तक िस्थति स्पष्ट न हो जाने से ग्रामीण आशंका से घिरे हुए ही नजर आए। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में 15 से 20 मोरे हैं। जो शाम ढलते ही गांव के पेड़ पर डेरा जमा लेती हैं। लेकिन घटना वाले दिन शाम तक गांव में कोई मोर नजर नहीं आई। जिसे लेकर भी तमाम तरह की चर्चाएं की जा रही थी।

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