किसानों ने कहा आवेदन दिया नहीं फिर कैसे हो गए पंजीयन, कलेक्टर ने मामले की जांच के दिए आदेश

दतिया ।  गेहूं खरीदी को लेकर पंजीयन की तस्वीर साफ हो गई है, पिछले वर्ष की तुलना में दस हजार अधिक किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। कुल 37 हजार से अधिक किसानों का पंजीयन किया गया है। इसके साथ जिले के 39 गेहूं खरीदी केंद्रों के भौतिक सत्यापन का कार्य शुरू किया जा रहा है। इसके साथ भांडेर क्षेत्र के कई किसानों ने आवेदन नहीं देने के बाद भी पंजीयन किए जाने की शिकायत की है।

इस मामले में कलेक्टर ने शुक्रवार को जांच के आदेश दे दिए है। इस जांच के साथ ही इन केंद्रों पर तुलाई उपकरण और मूलभूत सुविधाओं के लिए दल बनाए जा रहे है। इनके अलावा 4 अतिरिक्त खरीदी केंद्र सरसों और चने के लिए भी बनाए गए है। बताया जाता है इस गेहूं खरीदी में राजस्व अमले को भी जिम्मेदारी दी जाएगी, जिसकी तैयारी भी खाद्य आपूर्ति विभाग कर रहा है।

अधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रशासन ने इसके साथ ही कुल गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन को लेकर जांच के भी आदेश दिए हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी डीएए धाकरे ने एक जानकारी में बताया कि जिन किसानों ने पंजीयन कराया है अथवा जिन किसानों ने नहीं करवाया है। इन आवेदक से प्रशासन ने पत्र लिखकर कहा है कि यदि उनके आवेदन में कोई त्रुटि रह गई हो या उनके नाम से किसी अन्य ने फर्जी आवेदन कर लिया है, तो उसकी सूचना तुरंत ही पंजीयन केंद्र पर या खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को दें, ताकि संबंधित मामले में जांच करवाकर फर्जी पंजीयन को रोका जा सके। बता दे कि ऐसे लोग फर्जी पंजीयन करवा कर सस्ता गेहंू खरीद कर व्यापारी किसानों के नाम से सरकारी खरीदी केंद्र को बेच देते है।

किसानों ने कहा आवेदन दिया नहीं फिर कैसे हो गया पंजीयन

सरकारी सहकारी संस्थाओं एवं एमपी किसान ऐप के माध्यम से कृषकों के पंजीयन किए गए हैं। शुक्रवार को एक मामला ऐसा आया कि जिस में किसान मुरारी लाल, लक्ष्मी नारायण, विनोद कुमार, आशाराम, भुगतानदास आदि ने शिकायत की है कि ग्राम गांधी तहसील भांडेर में आवेदन प्रस्तुत ही नहीं किए है। इसके बावजूद मार्केटिंग सोसाइटी पर बिना आवेदन के ही उनकी सहमति के बिना पंजीयन कर दिया गया है।

इसे लेकर अब मामले की जांच की जा रही है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश जारी कर जांच किए जाने के लिए खाद्य विभाग दतिया को कार्रवाई करने के लिए कहा है। बताया जाता है कि इन किए गए 37 हजार पंजीयन में बड़ी संख्या में पंजीयन फर्जी कराए जाने का अनुमान है। अब इनकी जांच शुरू की जा रही है।

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