बुर्जुर्गों ने निडर होकर लगवाई वैक्सीन, कहा पहले बाहर नहीं जा पाते थे, अब जीने का साहस मिल गया

दतिया ।  कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण में बुजुर्गों को वैक्सीन लगाई गई। वहीं गंभीर बीमारियों से पीड़ित 45 से 59 वर्ष की आयु सीमा वाले लोगों को भी टीके लगाने की शुरुआत की गई। सोमवार को कुल टीकाकरण का लक्ष्य 1400 लोगों का था। जिसमें से कुल 197 टीके ही लगाया जा सके। जिले में कुल टीकाकरण के लिए 5 केंद्र दतिया सहित सेवढ़ा, भांडेर व इंदरगढ़ में बनाए गए थे। आम लोगों में बुजुर्गों के टीकाकरण को लेकर ज्यादा उत्साह दिखाई नहीं दिया।

अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार बुजुर्ग लोग तो टीका लगावाने को तैयार थे, परंतु उनके स्वजनों ही हिम्मत नहीं दिखा पाए। जो बुजुर्ग टीका लगवाने अस्पताल पहुंचे उनके साथ परिवार के कई लोग भी मौजूद रहे। बुजुर्गों सहित सभी लोगों के लिए ओपन सेशन था। टीकाकरण के लिए मात्र आधार कार्ड या परिचय पत्र ही लाना था।

जिला अस्पताल के टीकाकरण अधिकारी डा. डीके सोनी ने बताया कि लक्ष्य से काफी कम टीके लग पाए हैं। लोगों में अभी भी कोरोना टीके को लेकर भ्रांति है। कई बुजुर्गों बहुत ही हिम्मत के साथ आए और टीका लगवाया। उन लोगों के साथ उनके परिवार वाले भी रहे। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए जिले में दतिया मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, इंदरगढ़, भांडेर, तथा सेवढ़ा में केंद्र बनाए गए थे।

इसके तहत कुल 1400 टीके लगाने का लक्ष्य था। इनमें बुजुर्गों के टीकारण का कोई लक्ष्य नहीं था। इस दौरान कुल 38 बुजुर्गों ने ही टीके लगवाए। इसी तरह हेल्थ वर्कर को दूसरा डोज लगाया जाना था, इनमें से कुल 168 हेल्थ वर्कर को टीके लगाए गए। इसके अलावा नगर पालिका, पुलिस, राजस्व कर्मचारियों फ्रंट लाइन वर्कर को टीके लगाए जा रहे थे। इस तरह सोमवार को कुल 197 कोरोना टीके लगाए गए।

बुर्जुग बोले वैक्सीन लगवा ली तो अच्छा लगा

सोमवार को वैक्सीन लगवाने अस्पताल पहुंचे अधिकांश बुर्जुग काफी निश्चंत दिखाई दिए। उनसे ज्यादा साथ में आए परिवार के लोग चिंतित नजर आ रहे थे। नगर के निवासी 65 वर्षीय शंकरलाल ने बताया कि टीका लगवाने से उन्हें फिर निडर होकर जीने का साहस मिल गया है। इससे पहले परिवार के लोग घर से बाहर निकलने नहीं देते थे। अब वे बढ़िया महसूस कर रहे है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा जो नौकरीपेशा है उसी ने मुझे कोरोना टीका टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित किया था। परिवार के सभी लोग भी मुझे टीका लगाए जाने पर साथ में ही रहे और मुझे जरा भी डर नहीं लगा। वहीं सेवढ़ा, इंदरगढ़, भांडेर में भी बुर्जुग जन टीका लगवाने पहुंचे।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter