नई दिल्ली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाल ही में तमिलनाडू के दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने स्कूली छात्रों से मिलकर बातचीत की और कुछ एक्टिविटी में भी भाग लिया। इसी दौरान मजेदार बात तब हुई जब एक छात्र ने उनसे ही पूछ लिया कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री के इंटरव्यू का मौके मिले, तो वह उनसे क्या सवाल पूछेंगे। छात्र के इस सवाल ने राहुल को भी सोच में डाल दिया। लेकिन बात ऐसी थी कि जबाब देने लाजमी था, तो राहुल नपे तुले शब्दों में उस सवाल पर बोले।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोमवार को तमिलनाडु के कन्याकुमारी में एक स्कूल के छात्रों के साथ बातचीत और डांस किया। राहुल गांधी ने कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी दिनेश गुंडू राव और राज्य पार्टी प्रमुख केएस अलागिरी सहित स्कूल के छात्रों के साथ एक मंच पर डांस किया। उन्होंने बातचीत के दौरान एक छात्र के अनुरोध पर पुश-अप भी किए।
छात्रों के साथ बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहाकि लोग परिभाषा देते हैं कि मैं एक राजनेता हूं। यह केवल एक लेबल है जो लोग चीजों को सरल बनाने के लिए डाल देते हैं। लेकिन यह मेरा काम नहीं है। मेरा काम देश में मौजूद प्रतिभाओं को खोजना, उनकी मजबूती और कमजोरियों को समझना और उनकी अधिकतम संभावनाओं को तलाशने में मदद करना है। मेरा काम ध्यान से सुनना है कि वे क्या चाहते हैं और उनके लक्ष्यों को समझ सकूं। मेरे काम का दूसरा हिस्सा यह कोशिश करना है कि मैं जो कुछ भी कर सकता हूं, ताकि वे जो चाहते हैं, उन्हें वो मिल सके। मैं आपकी उन जरूरतों को समझने के लिए यहां पहुंचा हूं।
जब एक छात्र ने उनसे पूछा कि अगर आपको पीएम मोदी का इंटरव्यू करने का मौका मिलता है तो वो उनसे क्या सवाल पूछेंगे। राहुल गांधी ने इस पर जवाब दिया यह एक पेचीदा सवाल है, भारत में विभिन्न विचारों, भाषाओं, संस्कृतियों के 1.3 बिलियन लोग रहते हैं। फिर आपको क्यों लगता है कि सारे सवालों के जवाब आपके पास ही होंगे?
इससे पहले राहुल गांधी ने तमिल संस्कृति को अपमानित करने और कुचलने के प्रयास के लिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला किया था। उन्होंने कहा था कि यह चुनाव एक संदेश देने का है। पहला यह है कि हमारा देश विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों, भाषाओं, इतिहासों का देश है और हम सभी का सम्मान करते हैं। हम आरएसएस के तमिल संस्कृति, भाषा और इतिहास को अपमानित करने और कुचलने के प्रयास को स्वीकार नहीं करते हैं।


