दतिया। महाशिवरात्रि पर्व गुरूवार को शहर सहित पूरे अंचल में धूमधाम से श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान जहां प्रसिद्ध शिव मंदिरों पर भक्तों की भीड़ दिन उमड़ती रही वहीं शाम को शिव बारात का आयोजन किया गया। जिसमें शिव भक्तों ने जमकर नृत्य किया। शहर के शिव मंदिरों में सुबह से ही जल अभिषेक, पूजा पाठ के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हो गया। पकौडिया महादेव, मढ़िया महादेव मंदिर, काले महादेव, पीतांबरा िस्थत वनखंडेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से शाम तक लगी रही। शिव मंदिरों में बम-बम भोले और ऊं नम: शिवाय के जयघोष गंूजते रहे।

किला चौक के पास ऊंचे टीले पर बने मड़िया के महादेव की प्रतिष्ठा दंतवक्र ने की थी। महाभारत कालीन इस शिवलिंग का काफी धार्मिक महत्व स्थानीय लोग मानते हैं। दंतवक्र द्वारा स्थापित इस शिवलिंग को दंतवक्त्रेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। पीतांबरा पीठ पर विराजमान वनखंडेश्वर महादेव भी महाभारत कालीन शिवलिंग है। जहां शिवरात्रि पर लोगों की भीड़ लगी रही। गहोई वाटिका स्थित प्राचीन नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पर समाजसेवी अभय नेताजी सहित गहोई सैनिकों ने विधि विधान से भगवान शिवजी का रूद्राभिषेक किया।
ब्रह्माकुमारी संस्थान में मना शिवरात्रि पर्व
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ओम शांति भवन द्वारा बड़ा बाजार में शिवरात्रि पर्व केक काटकर मनाया और शिव पार्वती की झांकी भी सजाई गई। इस मौके पर संस्था की प्रमुख संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी दीपा बहन एवं राहुल देव सिंह मौजूद रहे। इस अवसर पर नशा मुक्त दतिया नशा मुक्त भारत को लेकर शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में बीके शांताराम, मोहन भाई, शरद भाई, ब्रह्माकुमारी निकिता बहन, ब्रह्माकुमारी निशा उपस्थित रहे।
भांडेर के भर्रोली शिव मंदिर पर भक्तों का तांता-
भांडेर से बैजापारा के रास्ते 8 किमी दूर स्थित ग्राम भर्रोली के शिव मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। दसवीं-ग्यारहवीं सदी स्थापित इस मंदिर की बनावट काफी आकर्षक है। शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम सुबह पांच बजे से प्रारंभ हो गया था जो देर शाम तक जारी रहा। अंचल में इस मंदिर को लेकर लोगों में अगाध श्रद्धा है। इसके अलावा रामगढ़ मंदिर पर स्थित शिव परिवार मंदिर सहित अन्य शिव मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
जैतपुर में हुआ शिव-पार्वती विवाह का आयोजन-
बसई के जैतपुर में सिद्धेश्वर मंदिर पर शिव-पार्वती विवाह का आयोजन हुआ। वहीं बेतवा नदी के पास िस्थत भैरारेश्वर धाम पर आयोजित मेले में श्रद्धालुओं का हुजुम उमड़ा। बसई में कई जगह शिव बारात निकाली गई। सिद्धेश्वर मंदिर पर भगवान शिव-पार्वती विवाह कार्यक्रम में बरधुवां, सांकुली, नयाखेडा, जैतपुर, हिम्मतपुर, सतलौन आदि गांवो के लोग एकत्रित हुए। पं.अभिषेक मिश्रा ने विवाह कार्यक्रम सम्पन्न कराया। बसई के तीर्थ स्थल बेतबा नदी िस्थत भैरारेश्वर धाम पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। जनकपुर व हसनपुर में भी लोगों ने शिव बारात निकाली ।
सेवढ़ा व इंदरगढ़ में धूमधाम से मनी शिवरात्रि
सेवढ़ा व इंदरगढ़ में भी महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया। सेवढ़ा में सनकुआं से जल भरकर ले जाने वाले कांवरियों ने शिव मंदिराें में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। वहीं इंदरगढ़ के शीतला माता एवं गौपुरुष शिव मंदिर पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ दिखाई दी। गौपुरुष मंदिर पर सुबह से शाम तक महिलाओं की लंबी लंबी कतारें दर्शन के लिए लगी रही। मनमेल सरकार, खेरापति सरकार, बावरी सरकार मंदिरों पर भी शिवभक्तों की भीड़ रही। ररूआजीवन में पांच दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। नगर के बाबरी सरकार से खेड़ापति सरकार तक शिव बारात निकाली गई। कई मंदिरों पर रात्रि में भजन संध्या कार्यक्रम आयोजित किए गए।

बडौनी में गुप्तेश्वर महादेव पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
बडोनी स्थित गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पर महाशिवरात्रि के मौके पर श्रद्धालुओं ने पहुंचकर गुफा में विराजमान शिवलिंग के दर्शन कर पूजा अर्चना की। प्राचीन गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव के अर्द्धनारीश्वर रूप में दर्शन होते हैं। मंदिर पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बडौनी थाना प्रभारी रविंद्र शर्मा पुलिस स्टाफ के साथ निगरानी करते रहे। जहां श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर मंदिर में दर्शन के लिए भेजा गया।

