दतिया । रेलवे स्टेशन दतिया स्थित आरपीएफ चौकी पर पदस्थ सहायक उपनिरीक्षकएसके निरंजन को रिश्वत लेने के मामले में कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया है। इस मामले में चार वर्ष पहले 25 मई 2016 को स्टेशन पर कैंटीन का संचालन करने वाले किशनचंद शर्मा पुत्र माणिकचंद शर्मा निवासी रेल्वे स्टेशन के पीछे ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर को शिकायती आवेदन दिया था। जिसमें कैंटीन चलाने के एवज में आरपीएफ चौकी पर पदस्थ सहायक उपनिरीक्षकएसके निरंजन द्वारा उससे 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग करने की शिकायत की थी।
आवेदक की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त कार्यालय से एक वाॅयसरिकाॅर्डर रिश्वत मांगने की बात को रिकाॅर्ड कर लाने के लिए आवेदक किशन को दिया गया।वाॅयसरिकाॅर्डर में रिश्वत मांग करने की बातचीत को रिकाॅर्ड कर लोकायुक्त को सौंपा गया। जिसमें आवेदक किशन द्वारा बताया गया कि एसके निरंजन एएसआई द्वारा कैंटीन चलाने के एवज में 4 हजार रुपये लिए गए और रिश्वत की शेष राशि 6 हजार रुपये लेकर 20 जून 2016 को पुनः स्टेशन पर बुलाया है।
उस दिन किशन को 6 हजार रुपये के नोट देकर रेल्वे स्टेशन आरपीएफ चौकी पर भेजा गया। जहां एएसआई निरंजन ने किशन से 6 हजार रुपये अपने हाथों में लेकर शर्ट की बांयी जेब में रख लिए। शिकायतकर्ता के इशारे पर लोकायुक्त टीम ने एएसआई को रंगे हाथों पकड़ लिया। जब उसके हाथ धुलाए गए तो पर पानी गुलाबी रंग में परिवर्तित हो गया। इस मामले में न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की गई। जिसमें न्यायालयीन प्रकरण में संपूर्ण सुनवाई के बाद रिश्वत प्राप्त करने का दोषी पाते हुए कठोर 4 वर्ष के कारावास सहित एवं 6 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित कर जेल भेज दिया गया।

