पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार में घायल होने के बाद राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। वहीं इस मामले को लेकर रविवार को आयोग ने एक्शन लेते हुए CM ममता बनर्जी के सिक्योरिटी डायरेक्टर को पद से हटा दिया, तो सके अलावा ईस्ट मिदनापुर के डीएम और एसपी पर एक्शन लिया गया है। लेकिन बड़ी बात है कि सूत्र बताते हैं कि चुनाव आयोग ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी पर हुए हमले को साजिश नहीं बताया है।
व्हील चेयर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रोड शो के दौरान नजर आई। चुनाव के समय जनता के बीच पैठ बनाने के प्रयास में जुटी तृणमूल कांग्रेस के लिए इससे बेहतर दांव नहीं हो सकता। ममता दीदी ने भी लगे हाथों कह डाला कि वो व्हील चेयर पर टूटे पैर के साथ प्रचार करेंगी।
चोट के मामले में एक ओर चुनाव आयोग ने रविवार को कार्रवाई करते हुए ममता बनर्जी के सिक्योरिटी डायरेक्टर विवेक सहाय समेत पूर्वी मेदिनीपुर के डीएम विभू गोयल का ट्रांसफर और एसपी प्रवीण प्रकाश को सस्पेंड कर दिया है। वहीं दूसरी ओर भाजपा ने आयोग से बनर्जी को लगी चोट के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने के लिए पत्र लिखा है। हालांकि भाजपा ने ममता बनर्जी के प्रकरण को सेल्फ गोल बताया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास कहा कि वे सहानुभूति का पूराना फॉर्मूला अपना रही हैं। वहीं कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए ममता बनर्जी पर निशाना साधा।
पश्चिम बंगाल के चुनाव में नंदीग्राम विधानसभा सीट सबसे हॉट सीट हैं। जहां राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कभी उनके ही सहयोगी रहे सुवेंदु अधिकारी मैदान में हैं। नंदीग्राम में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए तो वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और नंदीग्राम से पार्टी प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस गोलीबारी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को पदोन्नति देने वालों को ‘नंदीग्राम’ दिवस मनाने का कोई हक नहीं है।


