नई दिल्ली । पुराने वाहनों से बढ़ते प्रदूषण और सुरक्षा की चंताओं को दूर करने के लिये सरकार गाडियों की स्प्रैप पालिसी लेकर सामने आई है… ये पालिसी 1 अक्टूबर 2021 से लागू होगी, जिसमें 15 साल पुराने कार्मशियल और 20 साल पुराने निजी वाहनों को अनिवार्य रूप से स्क्रैप करने की योजना है… इन नियमों को चरणबद्द तरीके से लागू किया जायेगा… इस पालिसी से न सिर्फ प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी बल्कि नये वाहनों के आने से सडक सुरक्षा भी बढ़ेगी। इस पालिसी से देश में 10 हजार करोड़ रूपये के निवेश का रास्ता खुलेगा तो हजारो रोजगार के अवसर भी पैदा होगें।
देश में वाहन उद्योग और पुरानी गाड़ी की जगह नई गाड़ी लेने वाले लोगों के लिये अच्छी खबर आई है। पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने प्रस्तावित नई स्क्रैप नीति का ऐलान कर दिया है। गौरतलब है कि इस साल के आम बजट में वाहन स्क्रैप की नीति लाने की बात कही गई थी । गुरूवार को संसद के दोनों सदनों में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वाहन कबाड़ नीति की घोषणा की।
इस नीति के मुताबिक निजी वाहनों को 20 साल और वाणिज्यिक वाहनों को 15 साल बाद फिटनेस परीक्षण कराना आवश्यक होगा। इसके लिए पुराने वाहनों को ऑटोमेटेड सुविधा केंद्रों पर फिटनेस और प्रदूषण जांच को अनिवार्य किया गया है। ये ऑटोमेटेड फिटनेस केंद्र देशभर में खोले जायेंगे।
नई नीति का लाभ सीधे कार उपभोक्ताओं को मिलेगा। इसके तहत वाहन निर्माताओं को खरीददारों को पांच फीसदी की छूट देने की सलाह दी गई है। पुराने वाहन को कबाड़ में बेचने पर गाड़ी के शोरूम कीमत का करीब 4 से 6 फीसदी पैसा देने की बात कही गई हैं। पुराना वाहन कबाड़ में देने के बाद नया वाहन खरीदने वालों को राज्य सरकारों से रोड टेक्स पर छूट की सलाह भी दी गई है। इसके साथ ही स्क्रैप सर्टिफिकेट दिखाने पर रजिस्ट्रेशन शुल्क को माफ किये जाने का जिक्र भी इस नीति में किया गया है।
अहम बात ये भी है कि इस नीति से नए वाहनों की कीमतों में काफी कमी आ सकती है।
ऑटो सेक्टर नए वाहन के निर्माण के लिए स्टील, रबर एल्युमीनियम और रबर को आयात करते है । नई कबाड़ नीति के लागू होने के बाद स्टील, रबर, एल्युमीनियम के आयात पर निर्भरता कम होगी। इससे वाहनों की कीमतों में काफी कमी आएगी।
नई नीति से आने वाले सालों में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का कारोबार बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचने की उम्मीद है। वाहन कबाड़ नीति से न केवल अर्थव्यवस्था के सुधार में मदद मिलेगी बल्कि ऑटो इंडस्ट्री को भी काफी फायदा होगा। ऑटो इंडस्ट्री सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल होगा। एक अनुमान के मुताबिक प्रदूषण फैलाने वाले करीब एक करोड़ वाहन कबाड़ में जाएंगे। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार पेट्रोल, डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए भी काम कर रही है और इलेक्ट्रानिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है। गौरतलब है कि वैश्विक पुनर्चक्रण दिवस के मौके पर सरकार ने एक ऐसा कदम उठाने की घोषणा की है जो देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।


