दतिया. सीएम राइज स्कूल सेवढ़ा में खोले जाने की मांग के समर्थन में स्थानीय व्यापारियों ने बुधवार को बाजार बंद रखा। इस दौरान सभी छोटी-बड़ी दुकानों पर ताले लटके रहे। दवाओं से लेकर अन्य जरुरी सामान के लिए लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह 7 बजे से नगर के बाजार में युवाओं की टोलियों ने भ्रमण शुरू कर दिया था। बाजार बंद रखने के लिए मंगलवार को ही व्यापारियों से अपील की गई थी। जिसका समर्थन करते हुए बुधवार को सेवढ़ा बाजार पूर्णत: बंद नजर आया। बंद के दौरान स्थानीय युवा, समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधियों ने सेवढ़ा में सीएम राइज स्कूल खोले जाने की प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन की बेरुखी के विरोध में नगर के मुख्य मार्गों पर जमकर नारेबाजी की। उक्त लोग सेवढ़ा एसडीएम के विरोध में तख्तियां लेकर चल रहे थे।

बंद के दौरान लोगों में नजर आया आक्रोश
बुधवार को ऐसा लगा रहा था कि सीएम राइज स्कूल खोलने की मांग को लेकर पूरा सेवढ़ा शहर समर्थन में उतर आया हो। बंद के दौरान लोगों में एसडीएम के विरुद्ध भी आक्रोश नजर आया। जिसके चलते युवाओं ने बाजार में दिनभर घूमकर नारेबाजी की। सेवढ़ा बस स्टैंड स्थित अंबेडकर पार्क पर धरना प्रदर्शन हुआ। जिसमें स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सेवढ़ा मुख्यालय से स्कूल हटाकर इंदरगढ़ में खोलने की कोशिश संदेह के घेरे में है। इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन की चुप्पी ने तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं। शासन के नियम के विरुद्ध स्थानीय प्रशासन काम कर रहा है। जिसके विरोध में सेवढ़ावासियों को सड़क पर उतरना पड़ा है।
इस दौरान पूरे समय पुलिस निगरानी करती रही। बंद के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए टीआई राजू रजक के निर्देशन में सेवढ़ा अनुभाग के थरेट, भगुआपुरा व डीपार पुलिस सदर बाजार, बस स्टैंड पर तैनात रहा। आंदोलनकारियों ने एसडीएम बंगले और तहसील कार्यालय पर भी नारेबाजी कर एसडीएम को सेवढ़ा से हटाने व मुख्यालय पर स्कूल खोले जाने की मांग की।

सेवढ़ा एसडीएम अनुराग निंगवाल की कार्यशैली से नाराज स्थानीय लोगों ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें सेवढ़ा से हटाने के लिए कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन नगर निरीक्षक राजू रजक को सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख है कि तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपने गए लोगों से एसडीएम ने ज्ञापन नहीं लिया साथ ही भरी गर्मी में धरने पर बैठे रहे लोगों से मिलने भी नहीं पहुंचे। उनके अमानवीय रवैए से आमजन में असंतोष व्याप्त है। ऐसे अधिकारियों को तत्काल हटाया जाए।

