ग्वालियर । रेमेडेसीवर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों पर रासुका लगेगी। गृहमंत्री डाॅ. नरोत्तम मिश्रा ने ग्वालियर में प्रेस से रूबरू होते हुए कही। उन्होंने कालाबाजारी करने वाले लोगों को चेतावनी देते हुए पुलिस को निर्देश दिए कि रेमेडेसीवर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले लोगों को पकड़कर उन पर रासुका लगाएं। शुक्रवार को ग्वालियर पुलिस ने एक नकली रेमेंडेसीवर बेचने वाले व्यक्ति को पकड़ा है। गृहमंत्री ने साफ निर्देश दिए उस पर कड़ी संवैधानिक कार्रवाई करें।
गृहमंत्री ने कहाकि कोरोना काल में पुलिस की छवि निखर कर सामने आई है, उस छवि को हमें बरकरार रखना होगा। कोरोना काल में जिस प्रकार से हमारे जवानों ने 45 डिग्री की गर्मी में भी पीपीई किट पहनकर लोगों की सेवा की है। उससे लोगों का नजरिया पुलिस को लेकर बेहद अच्छा हुआ है। लोगों का विश्वास एवं भरोसा पुलिस पर बढ़ा है, हमें उसे बरकरार रखना है और हर हाल में इस महामारी से जीतना है।
महामारी में राजनीति ना करें विपक्ष
गृहमंत्री ने कहाकि विपक्ष सिर्फ ट्विटर और फेसबुक तक सीमित है। कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए सोशल मीडिया फेसबुक और ट्विटर पर जो भ्रामक और अशक्त खबरें फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उनसे मेरा निवेदन है इस महामारी में राजनीति ना करें बल्कि सामने आकर कार्य करें। झूठ की राजनीति कब तक पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं विधायक प्रवीण पाठक पर निशाना साधते हुए कहाकि ग्वालियर कलेक्टर ने जो ऑक्सीजन के लिए प्रयास किया, उसका श्रेय कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक व कमलनाथ को दे रहे हैं। जब से कोरोना आपदा आई है तब से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कहीं दिखाई नहीं देते।
गृहमंत्री ने कहाकि प्रशासन सख्ती दिखा रहा है, उसमें किसका फायदा है। जरा सोचकर देखिए क्या प्रशासन का कोई निजी फायदा है या प्रशासन आम जनमानस के स्वास्थ्य की रक्षा कर रहा है। गृह विभाग जवानों के साथ खड़ा है। हमारे जवान भी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। पुलिस के जवानों के साथ मैं और मेरा पूरा विभाग खड़ा है। लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। पुलिस के जवानों का साथ दीजिए। वे इस महामारी से आपकी रक्षा करने के लिए अपनी जान लड़ा देंगे, सिर्फ हम सबको सावधानी रखनी होगी।
आम जनमानस से अपील करते हुए गृहमंत्री ने कहाकि आप लोग सावधानी बरतें और प्रशासन का साथ दें। कोरोना को हम सब मिलकर मात देंगे। कोरोना को पिछली बार हमने तब मात दी थी, जब हमारे पास ना तो वैक्सीन थी ना तो इंजेक्शन फिर भी हम कोरोना से जंग जीते थे। अब तो हमारे पास वैक्सीन और इंजेक्शन दोनों हैं।


