पाकिस्तान में क्या बन रहे हैं गृह युद्ध के हालात, असमानता और अन्याय से बिगड़ रही है इस देश की स्थिति

इस्लामाबाद । पाकिस्तान एक बार फिर उन स्थितियों में पहुंच रहा है। जब 1971 में गृह युद्ध हुआ और देश दो टुकड़ों में बंटकर बांग्लादेश अस्तित्व में आया। एशिया टाइम्स में इरफान राजा के एक लेख में पाक के एक बार फिर गृह युद्ध के कगार पर पहुंचने के कारण बताए गए हैं। लेख में कहा गया है कि किसी भी शासन में कुशासन, भ्रष्टाचार और गरीबी ऐसे कारण हैं जो किसी भी समाज में घृणा और हिंसा की भावना को बढ़ा सकते हैं। इन सभी कारणों के साथ यहां नौकरशाही निरंकुश हो गई है।

समाज में ऐसी व्यवस्था कायम हो गई है। जहां किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले देशद्रोही और विदेशी एजेंट कहलाते हैं। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में तमाम लोगों की मौत हो रही है। खासकर बलूचिस्तान, सिंध, पंजाब और खैबरपख्तूनख्वा प्रांत के हालात ज्यादा खराब हैं। लेख में कहा गया है कि असमानता और गरीबी के बीच राजनेता, नौैकरशाह, जनरल और उद्योगपतियों का ऐसा वर्ग बन गया है जो देश ही नहीं विदेशों में विलासितापूर्ण जीवन जी रहा है।

परवेज मुशर्रफ इसका उदाहरण हैं, जिन्होंने पाकिस्तान में आतंकवाद को जन्म दिया। ऐसे लोग विदेश में शानदार जीवन जी रहे हैं। यही कारण एक बार फिर पाक को गृह युद्ध की तरफ धकेल रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कराची के परमाणु ऊर्जा प्लांट- 2 के शुरू होने पर कहाकि चीन और पाकिस्तान की दोस्ती मजबूत हो रही है। आज ही के दिन चीन के साथ राजनयिक संबंधों के सत्तर साल भी पूरे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से विकास के नए रास्ते खुलेंगे।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बेटे हसन शरीफ के लंदन स्थित कार्यालय में चार लोगों ने घुसने की कोशिश की। यहां जब उन लोगों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने बताया कि नवाज से उनकी भेंट पूर्व निर्धारित है। बाद में ये लोग भाग गए। पीएमएल-नवाज पार्टी ने आरोप लगाया है कि नवाज पर हमले की साजिश रची जा रही है।

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