कलेक्टर की हरकत पर मुख्यमंत्री को मांगनी पड़ी माफी, युवक को थप्पड़ मारने वाले कलेक्टर की छुट्टी
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रायपुर (Raipur news) : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में लाकडाउन के दौरान बाहर घूम रहे युवक को थप्पड़ मारने और मोबाइल पटकने वाले कलेक्टर रणवीर शर्मा को राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पद से हटा दिया है (chhattisgarh collector suspended)। मूलत: हरियाणा निवासी 2012 बैच के आइएएस रणवीर शर्मा को तत्काल प्रभाव से मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात करने का आदेश दिया है। उनके स्थान पर गौरव कुमार सिंह को सूरजपुर जिले के कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। युवक को नया मोबाइल देने का निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिया जिसके बाद अधिकारियों ने घर जाकर पीड़ित अमन मित्तल को मोबाइल दिया।

मामले में आइएएस रणवीर शर्मा ने माफी मांग ली है। इस बीच वीडियो में दिख रहे युवक पर कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन के लिए महामारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने भी दखल दिया है और शर्मा तथा प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। कलेक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए भी कहा है।

वहीं आइएएस एसोसिएशन ने घटना की निंदा करते हुए कहाकि वरिष्ठ अधिकारी का यह आचरण सही नहीं है। दूसरी तरफ सूरजपुर जिले के ही एक सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और एक थानेदार के लोगों से मारपीट करने का वीडियो भी वायरल हो गया है। पूर्व कलेक्टर रणवीर शर्मा ने माफी मांगते हुए कहाकि उनका इरादा किसी के अपमान का नहीं था। माता-पिता सहित मुझे भी कुछ दिनों पहले कोरोना संक्रमण हो गया था। सूरजपुर में संक्रमण की स्थिति खराब है। हम सब अधिकारी स्थिति को सुधारने में लगे हैं।

हालांकि अधिकारी ने वीडियो जारी कर यह भी कहा कि युवक ने झूठ बोला था और उसके पास अपनी बात साबित करने के लिए किसी प्रकार के दस्तावेज भी नहीं थे। अधिकारी ने युवक पर अभद्र व्यवहार का आरोप भी लगाया। वहीं पीड़ित युवक अमन मित्तल का कहना है कि उसकी दादी का कोरोना का इलाज चल रहा है। वह उनके लिए भोजन लेकर और उनके खून की जांच कराने के लिए जा रहे थे। वापसी में उनके साथ अधिकारी ने बदसलूकी की।

युवक ने पूछा कि क्या किसी मरीज के लिए खाना लेकर जाने की इजाजत लाकडाउन में नहीं है। बता दें कि प्रशासनिक अधिकारियों की बदसूलकी का ऐसा ही एक मामला त्रिपुरा से भी बीते दिनों सामने आया था, जब एक आइएएस अधिकारी शैलेंद्र यादव ने एक शादी समारोह में दूल्हा, दुल्हन, पंडित और अन्य मेहमानों के साथ अभद्र व्यवहार किया था। वीडियो वायरल होने पर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने ट्वीट करके कहाकि यह बेहद दुखद और निंदनीय है। किसी भी अधिकारी का शासकीय जीवन में इस तरह का आचरण स्वीकार्य नहीं है। घटना से क्षुब्ध हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं नवयुवक और उनके स्वजन से खेद व्यक्त करता हूं।

मामले के मुताबिक कलेक्टर रणवीर शर्मा शनिवार शाम लाकडाउन का जायजा लेने निकले थे। इसी दौरान एक युवक को रोका गया। वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि कलेक्टर ने पहले युवक को जाने का इशारा किया। फिर उन्होंने उसे बुलाया और मोबाइल लेकर पटक दिया। साथ ही युवक को अपशब्द कहते हुए थप्पड़ मार दिया था। पुलिस वालों से भी पिटवाया और एफआइआर करने के निर्देश भी दिए। उसी जिले के अधिकारियों का फिर अभद्र रवैया एक अन्य वायरल वीडियो में एसडीएम प्रकाश सिंह राजपूत वीडियो में एक युवक को थप्पड़ मारकर उठक-बैठक करा रहे हैं और सूरजपुर के थानेदार बसंत खलखो लोगों को डंडा मारते दिख रहे हैं। यह वीडियो भी शनिवार का ही बताया जा रहा है। खलखो को पुलिस अधीक्षक ने लाइन अटैच कर दिया है। वहीं एसडीएम के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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