हैदराबाद : भारत बायोटेक ने मंगलवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि जुलाई से सितंबर के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से उसकी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल के लिए सूचीबद्ध (ईयूएल) करने की मंजूरी मिल जाएगी। कोवैक्सीन को ईयूएल में शामिल करने के लिए भारत बायोटेक ने 19 अप्रैल को आवेदन (ईओआइ) किया था। डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट पर जारी एक दस्तावेज में कहा गया है कि भारत बायोटेक से इस संबंध में और अधिक जानकारी मांगी गई है। मई-जून 2021 में इस संबंध में एक बैठक आयोजित होने की उम्मीद है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक आपातकालीन उपयोग सूचीकरण प्रक्रिया की अवधि वैक्सीन निर्माता द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़ों की गुणवत्ता और डब्ल्यूएचओ के मानदंडों को पूरा करने वाले आंकड़ों पर निर्भर करती है। भारत बायोटेक ने एक दिन पहले ही कहा था कि उसने मंजूरी के लिए जरूरी 90 फीसद दस्तावेज डब्ल्यूएचओ के दे दिए हैं और शेष दस्तावेज अगले महीने जमा करा दिए जाएंगे। इसको देखते हुए कंपनी ने उम्मीद जताई है कि जुलाई से सितंबर के बीच कोवैक्सीन को ईयूएल में शामिल करने की मंजूरी मिल जाएगी। कंपनी ने यह भी बताया कि अमेरिका, ब्राजील और हंगरी समेत 60 से अधिक देशों में कोवैक्सीन के लिए नियामक एजेंसियों की मंजूरी लेने की प्रक्रिया चल रही है। अमेरिका में भारत बायोटेक की सहयोगी कंपनी ओकुजेन ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के यहां मंजूरी के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करा दिए हैं। डब्ल्यूएचओ की मंजूरी मिलने के बाद कोवैक्सीन संयुक्त राष्ट्र समर्थित कोवैक्स कार्यक्रम में शामिल हो जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत गरीब और जरूरतमंद देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई जाती है।

