नई दिल्ली : पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपित ओलंपियन सुशील कुमार व उसके साथी अजय सहरावत की छह दिन की रिमांड अवधि खत्म होने के बाद दोनों को शनिवार को रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि सुशील जांच में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहा है।
लिहाजा दोनों आरोपितों की रिमांड सात दिन बढ़ाई जाए। इस पर मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट मयंक गोयल की अदालत ने चार दिन की रिमांड बढ़ा दी।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि सुशील से हत्या में प्रयुक्त कई चीजों को बरामद करना है। चार मई को घटना वाली रात छत्रसाल स्टेडियम के बाहर पार्किंग क्षेत्र से पुलिस ने जो पांच गाड़ियां बरामद की थीं, उनमें से अब तक एक गाड़ी के बारे में ही पता लग पाया है।
वह बदमाश मोहित के नाम पर पाई गई। शेष चार गाड़ियां जो गुरुग्राम के किसी फर्जी कंपनी के नाम पर पंजीकृत मिलीं, उसके असली मालिकों का पता नहीं लग सका है। सुशील का मोबाइल फोन बरामद नहीं किया जा सका है।
मोबाइल में कई अहम सुबूत मिलने की संभावना है। उसके घर व छत्रसाल स्टेडियम का डीवीआर भी बरामद नहीं हो सका है। घटना वाली रात मारपीट के बाद सुशील स्टेडियम से डीवीआर लेकर चला गया था। वारदात के दौरान सुशील ने जो कपड़े पहने थे वह भी अभी तक नहीं मिले हैं।
गौरतलब है कि फ्लैट खाली न करने व अन्य कई मसले को लेकर विवाद में सुशील ने कुख्यात नीरज बवाना व आसौदा गिरोह के बदमाशों को बुलाकर चार मई की देर रात सागर धनखड़, सोनू महाल, अमित, भक्तु, रविन्द्र, विकास आदि की छत्रसाल स्टेडियम में बुरी तरह से पिटाई की थी। गंभीर रूप से घायल सागर की अगले दिन सुबह अस्पताल में मौत हो गई थी। इस मामले में अब तक नौ आरोपित दबोचे जा चुके हैं।


