Datia News : दतिया। अन्तर्राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस पर नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त दतिया के द्वितीय चरण की शुरूआत आनलाईन बेवीनार से हुई। जिसका विषय युवाओं में बढती नशे की लत रखा गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में सहभागी बने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अतेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की लत से मुक्ति जागरूकता अभियान से ही संभव है। जो नशा मुक्त भारत नशा मुक्त दतिया अभियान के माध्यम से की जा रही है। द्वितीय चरण में कोविड संक्रमण के बचाव को ध्यान में रखते हुए नशे के विरूद्ध जागरूकता अभियान विभिन्न विभागों के सहयोग से चलाया जाएगा।
वेबीनार मंे छात्र-छात्राओं के लिए चित्रकला, भाषण एवं निबंध एवं रंगोली की प्रतियोगिताएं विभिन्न संयोजकों के माध्यम से की गई। ऑनलाईन वेबीनार में अध्यक्ष के रूप में डा.श्रीवास्तव, प्रमुख वक्ता के रूप में डा. लक्ष्मण सिंह कैरा, डा. मधु गौर, डा.एकेखरे, डा.रेखा शर्मा, मनोज द्विवेदी उपस्थित रहे। जिन्होंने वेबीनार से जुडे युवा वर्ग को मार्गदर्शित किया। संचालन विनोद मिश्रा एवं आभार प्रदर्शन आनंद मोहन शुक्ला ने किया।
वेबीनार में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की भागीदारी करते हुए स्वेता गोरे, नेहा सोनी, रजनी अरजरिया, निधि रावत, नित्या रावत ने नशे के विरूद्ध अपने विचार प्रस्तुत किए। वही युवा प्रेरक रवि भूषण खरे, अरूण सिद्ध गुरू, संजय भार्गव, गजेन्द्र सिंह, संजय निरंजन मोहन गर्ग, परिवेश शर्मा, कविश मिश्रा, मुरारी नगार्ची, अरुण सिद्ध ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए नशा मुक्त दतिया अभियान में सहभागिता का संकल्प लिया। वेवीनार का समापन अरूण सिद्ध गुरू की कविता से हुआ – नशा में जो फंसा नशे से होती है हानि, वेकार हो जाती है जबानी, बिडी, गुटका, सिगरिट इससे डाउन होती है पल्स रेट , डॉक्टर को दिखाते है फीस देकर, फिर मचती है हाहाकार और परेशान होता है पूरा परिवार।


