नाराज किसानों ने सीएम हेल्पलाइन पर लगाया शिकायतों का अंबार, भुगतान अटकने से मामला बिगड़ा, विभाग किसानों को मनाने में जुटा

Datia News : दतिया । दतिया जिले में गेहूं खरीदी का कार्य पूरा कर लिया गया। इसमें कोई बढ़ोत्तरी भी नहीं की गई है। 30 हजार 974 किसानों ने अपनी उपज इन खरीदी केंद्रों की दी है। इसमें प्रारंभिक दौर में गेहूं बेचने वाले किसानों का भुगतान भी रुक गया है। किसानों की रूकी राशि 2 करोड़ 50 लाख रुपये के लगभग है। इसके बाद अब किसानों ने इस बारे में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों की झड़ी लगा दी है और 450 से अधिक शिकायतें सीएम हेल्प लाइन पर की गई है। जिनके जवाब खाद्य आपूर्ति विभाग और नागरिक आपूर्ति िनगम को देते नहीं बन रहा है। जबकि भुगतान में 7 दिन की प्रकिया होती है मगर शिकायत करने वाले किसानों का कहना है कि उनको गेहूं बेचने 15 दिन से अधिक हो गया है, इसके बावजूद भी उनका भुगतान नहीं किया गया है। किसानों के कुल 34,702 पंजीयन किए गए थे।

नागरिक आपूर्ति निगम और खाद्य आपूर्ति निगम दोनों ही विभाग इस मामले को लेकर अब अपना-अपना बचाव करने में लगे हुए हैं। बता दें कि जिले में कुल 30 हजार 974 किसानों ने अपना गेहूं सरकार को खरीद केंद्र के माध्यम से बेचा है। इस तरह दतिया जिले के कुल 80 केंद्रों पर 22 लाख 39 हजार 915.16 क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई है। इसमें विगत 28 तारीख को गेहूं खरीदी बंद किए जाने के बाद जो किसान अपनी उपज इन सरकारी केंद्रों पर नहीं भेज पाए उनकी संख्या भी लगभग किसानों ने पंजीयन तो कराया था, लेकिन उनकी उपज खरीदी केंद्रों पर नहीं बेच पाए या फिर वे समय पर वहां नहीं पहुंचे अथवा अपनी फसल को अन्य व्यापारियों को बेच चुके हैं। ऐसे किसानों की संख्या जिले में 9870 के करीब है।

95 फीसद गेहूं का हुआ परिवहन

जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने लगभग 22 लाख 39 हजार िक्ंवटल गेहूं खरीदा था। इनमें से जिस निजी कंपनी को गेहूं परिवहन का कार्य दिया गया था, उसने लगभग 95 प्रतिशत गेहूं का परिवहन कर दिया है। इस तरह कुल एक लाख 49 हजार 96 क्विंटल गेहूं का परिवहन जिले से किया जा चुका है। अब लगभग 14 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं गोदामों में रखा है। गत रविवार को हुई बारिश के बाद फिर नागरिक आपूर्ति िनगम के लोगों पर फिर परेशानी खड़ी हो गई थी, उन्होंने देर रात को गेहूं गोदामों का निरीक्षण किया और पाया कि कहीं कोई गेहूं खुले में रखे होने के कारण भीग तो नहीं गया है। जिले में अभी भी 15000 क्विंटल गेहूं गोदामों व अन्य जगहों पर रखा हुआ है, जिसका परिवहन किया जाना है।

तीन करोड़ का भुगतान अटका

जिन किसानों ने गेहूं बेचा था, उनमें से अभी तक करीब 22 हजार किसानों का भुगतान कर दिया गया है। भुगतान की गई राशि 3 करोड़ 53 लाख 28 हजार 70 रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा लगभग तीन हजार किसानों का भुगतान रुका हुआ है, वह राशि दो करोड़ 99 लाख रुपये के लगभग की है। विभाग का कहना है कि इसमें सभी 40 लाख रुपये से ऊपर का भुगतान कर कर दिए गए है। लगभग ढाई करोड़ रुपये से अधिक की राशि अभी भी किसानों को भुगतान की जाना है, इसके लिए प्रक्रिया को तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसानों का समय पर भुगतान किया जा सके।

ऐसे हो रहा शिकायतों का निराकरण

जिले में लगभग 480 शिकायतें किसानों द्वारा भुगतान एवं गेहूं खरीदी नहीं किए जाने को लेकर की गई है। अब इनमें से कुछ शिकायतें एसएमएस (SMS) प्राप्त नहीं होने की भी है। किसानों का कहना है कि हमें खरीदी के लिए एसएमएस प्राप्त नहीं हुए। अब ऐसे किसानों की सूची बनाई जा रही है, जिन्होंने गेहूं खरीदी केंद्र पर अपनी फसल तो बेच दी है किंतु एसएमएस की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर कर रखी है। ऐसी स्थिति में विभाग से ऐसे किसानों को खोज कर सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline)   के फ्री टोल नंबर पर शिकायतों को वापस लेने को कहा जा रहा है। अभी तक ऐसे 170 किसानों को ढूंढ लिया गया है। जिन से शिकायत वापस लेने की बात की जा रही है। भुगतान संबंधी शिकायत को नागरिक आपूर्ति निगम को भेजा गया है। वे भी इन शिकायतों के निराकरण के प्रयास कर रहे है।

इस संबंध में जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी शैलेष शर्मा का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) पर खरीदी संबंधी व भुगतान संबंधी शिकायतें काफी ज्यादा हैं। इसके निराकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें वे शिकायतें ज्यादा हैं जो किसान अपनी उपज बेच चुके है और एसएमएस नहीं मिलने की शिकायत कर रहें। जब उनका गेहूं खरीद लिया गया तो एसएमएस नहीं मिलने की शिकायतों का कोई औचित्य नहीं है।

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