चंडीगढ़ : पंजाब सरकार की ओर से निजी अस्पतालों को वैक्सीन बेचने के मामले में राज्य की सियासत गरमा गई है। शिरोमणि अकाली दल ने जहां इस मुद्दे पर राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए मामले की सीबीआइ जांच तो आम आदमी पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को बर्खास्त करने की मांग की है।
अकाली नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस घोटाले पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की चुपी पर सवाल उठाया।
कहा कि राहुल केंद्र सरकार को मुफ्त टीका लगाने का तो सुझाव देते हैं, लेकिन अब अपनी सरकार के मंत्री के घोटाले पर चुप क्यों हैं? कैप्टन सरकार बताए कि वह लोगों को बचाना चाहती है या वैक्सीन बेचक र लाभ कमाना चाहती है।
उधर, शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने अकाली नेताओं के साथ सोमवार को बलबीर सिंह सिद्धू के आवास पर दो घंटे धरना देने का एलान किया है।
पार्टी के प्रवक्ता डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने निजी अस्पतालों को 1060 रुपये प्रति डोज की दर से वैक्सीन बेचने की बात कुबूल की है।
स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह एक भ्रष्ट मंत्री को संरक्षण दे रहे हैं। सरकार मामले की सीबीआइ जांच कराए। अगर कैप्टन ऐसा नहीं करते हैं तो 2022 में शिअद अपनी सरकार बनते ही सीबीआइ जांच कराएगी।
वहीं, आप विधायक और नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य मंत्री को तुरंत बर्खास्त कर इस घोटाले में शामिल मंत्री व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है।
चीमा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के निजी अस्पतालों से वैक्सीन वापस लेने के आदेश से साबित होता है कि कैप्टन सरकार ने बड़ा वैक्सीन घोटाला किया है।
यह है मामला गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण के लिए 400 रुपये प्रति डोज वैक्सीन खरीदी और उनमें से 80 हजार डोज 1060 रुपये की दर से निजी अस्पतालों को बेच दिया।
आरोप है कि ऐसा कर उसने 5.28 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। मामला उछलने के बाद सरकार ने बेची गई वैक्सीन वापस लेने के आदेश जारी कर दिए हैं, लेकिन वह विरोधियों के निशाने पर है।


