बेंगलुरु : कर्नाटक पुलिस ने 290 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले को उजागर किया है। निवेश पर ज्यादा ब्याज का लालच देकर पावरबैंक मोबाइल एप के जरिये लोगों से धोखाधड़ी की गई है।
पुलिस ने दो चीनी नागरिकों समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए आरोपितों ने कई फर्जी कंपनियां बनाई थीं। यह मामला मनी लांड्रिंग से भी जुड़ा है। इसका मुख्य सरगना केरल का रहने वाला कारोबारी अनस अहमद है, जिसके चीन के हवाला आपरेटरों से संपर्क हैं। अहमद चीन में पढ़ा है और चीनी महिला से ही उसने शादी की है।
उसने बुल फिंच टेक्नोलाजी समेत और कई फर्जी कंपनियां बना रखी थी और उनके जरिये पैसे बाहर भेजता था। पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने कहा कि गिरफ्तार आरोपितों में चीन और तिब्बत के दो-दो नागरिक और पांच अन्य लोग शामिल हैं। ये सभी लोग खुद को कंपनी का निदेशक बताते थे। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने मुख्य आरोपित के बैंक खाते को फ्रीज कर मोटी रकम भी जब्त की है। साइबर अपराध शाखा ने बताया कि एक बार रकम मिलने के बाद आरोपित न तो ब्याज देते थे और न ही मूल रकम ही लौटाते थे। साथ ही गूगल प्ले स्टोर से एप भी हटा लेते थे।

