मुंबई। फिल्म अभिनेता एवं कोरोना काल में मददगार बनकर उभरे सोनू सूद की बहन मालविका सूद सच्चर की कांग्रेस की राजनीतिक बैठकों में सक्रियता के बाद पैतृक निवास के बाहर ‘मोगा शहर, मेरी जिम्मेदारी’ के नारे वाले पोस्टर ने भले ही स्थानीय राजनीति में भूचाल ला दिया हो, इन सबके बीच मालविका सूद ने राजनीति में आने पर अभी सस्पेंस बरकरार रखा। उन्होंने भविष्य में राजनीति में आने से इनकार तो नहीं किया, सिर्फ इतना कहा कि फिलहाल वह लोगों की सेवा पहले से भी ज्यादा सक्रिय होकर करती रहेंगी।
अपने पैतृक एसएस निवास पर मीडिया से बात करने के बाद मालविका सूद सच्चर ने सूद चैरिटी फाउंडेशन की वैन के माध्यम से 500 राशन किटें रवाना कीं, जो जरूरतमंद परिवारों में वितरित की जाएंगी। किट में चार सदस्यों वाले एक परिवार के लिए एक महीने की राशन सामग्री दाल, चावल, मसाले, तेल, घी, चीनी, चाय आदि उपलब्ध कराया है।
मालविका सूद सच्चर ने पति गौतम सच्चर व एनजीओ स्माइल इंडिया के अध्यक्ष विक्रम सच्चर के साथ सिर्फ इतना कहा कि वह फिलहाल अपनी सेवा के दायरे का विस्तार कर रही हैं। कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहे, शिक्षा व इलाज से वंचित ना रहे। इन तीन बिंदुओं पर फोकस करेंगी।
सरकारी स्कूल खुलने पर वहां पढ़ने वाले सभी बच्चों को सूद चैरिटी फाउंडेशन की ओर से एंड्राइड फोन दिए जाएंगे, ताकि बच्चों को आनलाइन शिक्षा में मोबाइल का अभाव बाधा न बने।
राजनीति में आने पर चर्चाओं का बाजार गर्म क्यों? पिछले साल मार्च महीने में कोरोना काल से पहले जब फिल्म अभिनेता सोनू सूद ने अपने निवास पर मजदूरों व सरकारी स्कूल की बच्चियों को साइकिलें वितरित की थीं। उस समय सोनू सूद ने बातचीत में कहा था कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। हां, अगर बहन मालविका (उनकी छोटी बहन) आना चाहे तो आ सकती हैं।
सोनू सूद का दिया बयान इन दिनों इसलिए चर्चा में आ गया क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज होने के साथ ही मालविका सूद की समाजसेवा में सक्रियता भी बढ़ी है,
कांग्रेस की बैठकों में भी हिस्सा ले रही हैं। ढाई महीने पहले उन्होंने सोनू सूद के साथ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी मुलाकात की थी।
दस दिन पहले भी सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ आनलाइन चर्चा के दौरान भी सोनू सूद ने मालविका सूद सच्चर की समाजसेवा में सक्रिय होने का तीन बार जिक्र किया था। हालांकि मालविका अभी कांग्रेस की प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं।


