नई दिल्ली, एएनआइ : चीन के साथ चल रही तनातनी के बीच भारतीय नौसेना ने श्रीलंका में चीन की उपस्थिति को भारत के लिए खतरा बताया है। नौसेना के एक बड़े अधिकारी ने कहा कि श्रीलंका में चीनी नौसेना को नया पोर्ट प्रोजेक्ट मिलने से क्षेत्र में भारतीय हितों के लिए खतरा हो सकता है। उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।
एक साक्षात्कार में नौसेना के वाइस चीफ वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार से जब श्रीलंका के एक बंदरगाह को चीन द्वारा लेने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना अपने देश की समुद्री सीमा की सुरक्षा को पूरी तरह तैयार है।
कोई भी हमें चौंका नहीं सकता। यदि आप विश्लेषण करें कि क्या खतरा है अथवा नहीं तो यह एक जटिल सवाल है, किंतु सच्चाई यह है यदि कोई क्षेत्र में अपनी गतिविधियां शुरू करता है तो यह एक तथ्य है। हां, यह हमारे लिए खतरा हो सकता है।
हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। यह पूछने पर कि क्या भारतीय नौसेना उनकी गतिविधियों पर चौकन्ना है तो कुमार ने कहा, हां, हम पूरे क्षेत्र में कड़ी नजर रख रहे हैं। बता दें कि चीन ने कोलंबो के निकट एक बंदरगाह को हाल में कब्जे में लिया है और वह श्रीलंका में सड़कें बना रहा है।
इसके पहले उसने हंबनटोटा बंदरगाह का निर्माण कर उसका भी नियंत्रण अपने हाथ में लिया था। यह पूछने पर कि क्या चीन भारत को समुद्री मार्ग से चुनौती दे सकता है-वाइस एडमिरल ने कहा कि 26/11 मुंबई हमले के बाद भारत ने समुद्रों की निगरानी बेहद कड़ी कर दी है। भारत ने तटीय सुरक्षा नेटवर्क को भी काफी मजबूत किया है।
हमने अपनी निगरानी क्षमता को काफी बढ़ा लिया है, ऐसे में इस बात की संभावना बहुत कम है कि हमें कोई चौंका सके। हम बीते एक दशक की तुलना आज कहीं ज्यादा बेहतर स्थिति में हैं। भारतीय नौसेना एक क्षमता संचालित बल है और निकट भविष्य में इसकी ताकत में और भी बढ़ोतरी की जाएगी। ..

