चीन ने हांगकांग के बाद अब मकाऊ पर बढ़ाया दबाव, ताइवान में कार्यालय करवाया बंद

रायटर : चीन शासित हांगकांग के प्रतिनिधि दफ्तरों में ताइवानी कर्मचारियों ने हांगकांग का आफिस रविवार से छोड़ना शुरू कर दिया है। दरअसल, इन कर्मचारियों पर चीनी सरकार की ओर से एक ऐसे दस्तावेज पर दस्तखत करने का दबाव डाला जा रहा है।

साथ ही उन्होंने चीन के ताइवान पर दावे का भी समर्थन करने को कहा गया है। ताइवान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रविवार की दोपहर को सात अधिकारी द्वीप पर लौट आए हैं। ताइपे और बीजिंग के बीच की तनातनी में आजादी पसंद हांगकांग के लोग खुलकर ताइवान का साथ देने लगे हैं।

खासकर तब से जब से ताइवान ने उस पर थोपे गए चीन के एक शहरी कानून को मानने से इन्कार किया है, जो पहले से ही हांगकांग पर थोपा जा चुका है। साथ ही ताइवान ने हांगकांग के लोगों को उसके द्वीप में आकर बसने का आमंत्रण दिया है। चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी कीसरकार हांगकांग सरकार पर ‘एक चीन’ की प्रतिबद्धता को स्वीकार करने के लिए दस्तावेजों पर दस्तखत करवा चुकी है।

ताइवान के सत्तारूढ़ दल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी के उप महासचिव लिन फी फैन ने अपने फेसबुक पेज पर कहा कि केवल स्थानीय स्टाफ ही दफ्तर में रुकेगा। लिन ने कहा कि ताइवान कभी भी ‘एक चीन’ की नीति या ‘एक देश और दो प्रणालियों’ की नीति को नहीं स्वीकार करेगा।

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